देहरादून। खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में देहरादून फुटबॉल एकेडमी (डीएफए) का 15वां ग्रीष्मकालीन फुटबॉल कैंप सोमवार 1 जून से गूलर घाटी रोड स्थित भागीरथ एन्क्लेव फुटबॉल ग्राउंड में शुरू हो गया। कैंप के पहले दिन 5 से 17 वर्ष आयु वर्ग के 45 बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सुबह 6 बजे से 8 बजे तक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कैंप का उद्घाटन विधानसभा अधिकारी एवं राष्ट्रीय खिलाड़ी विनेश राणा, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गोपाल रावत तथा विमल सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों को खेल अनुशासन, फिटनेस और तकनीकी कौशल के महत्व से अवगत कराया गया।
देहरादून फुटबॉल एकेडमी के हेड कोच एवं अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी, कोच तथा राष्ट्रीय रेफरी डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि कैंप के दौरान खिलाड़ियों को फुटबॉल की बारीक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें पासिंग, ड्रिब्लिंग, शूटिंग, बॉल कंट्रोल, हेड वर्क, चेस्ट वर्क, जगलिंग, गोलकीपिंग, स्टॉपर, मिडफील्डर और फॉरवर्ड की भूमिका सहित खेल से जुड़ी विभिन्न तकनीकी जानकारियां शामिल हैं। साथ ही खिलाड़ियों को संतुलित आहार और फिटनेस प्रबंधन के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
डॉ. रावत ने बताया कि वह पिछले 27 वर्षों से उत्तराखंड के खिलाड़ियों, कोचों और रेफरियों को प्रशिक्षण देकर उनका भविष्य संवारने का कार्य कर रहे हैं। वहीं, देहरादून फुटबॉल एकेडमी पिछले 15 वर्षों से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने बताया कि फुटबॉल के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें और एकेडमी को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। एकेडमी द्वारा प्रतिवर्ष ऑल इंडिया गढ़वाल कप, दून कप, चैलेंज कप, राज्य आंदोलनकारी शहीद मेमोरियल कप और पहाड़ी कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों का आयोजन भी किया जाता है।
कैंप की विशेषता यह है कि प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को निशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही कैंप के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न प्रोफेशनल फुटबॉल क्लबों में चयन का अवसर भी दिया जाएगा।
25 जून को समापन समारोह के दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और पदक देकर सम्मानित किया जाएगा।
कैंप में डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत के साथ सहायक कोच आशीष नेगी, तेजीन, विमल रावत और खड़क बहादुर थापा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। खेल प्रेमियों और अभिभावकों ने इस पहल को युवा खिलाड़ियों के लिए एक बेहतर मंच बताते हुए सराहना की है।

