उत्तराखंड: गंगा दशहरा पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर लगा जाम

खबर शेयर करें

हरिद्वार। गंगा दशहरा पर्व पर बुधवार को धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पवित्र गंगा में डुबकी लगाने के लिए तड़के से ही घाटों पर भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई। भीड़ के चलते हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।

इस वर्ष गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्धि योग और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बना है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग कई दशकों बाद आया है, जिससे पर्व की महत्ता और बढ़ गई है। इस विशेष संयोग में गंगा स्नान, दान, तप और जप करने से कई गुना पुण्य की प्राप्ति होती है।

यह भी पढ़ें 👉  राशिफल 20 फरवरी

पौराणिक मान्यता के अनुसार, राजा भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। तभी से यह दिन गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है।

ज्योतिषाचार्य उदय शंकर भट्ट ने बताया कि गंगा दशहरा पर दुर्लभ योगों के संयोग में किया गया पूजन, स्नान और व्रत विशेष फलदायी होता है। मां गंगा को कल्याणकारिणी शक्ति का स्वरूप माना गया है, जो जीवन के साथ ही मोक्ष भी प्रदान करती हैं।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी में गोलीकांड: 55 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध हालात में मौत

प्रशासन की ओर से गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। वहीं, गंगा तटों पर लोगों से अपील की गई कि स्नान करते समय गंगा में मैल या कपड़े न धोएं तथा प्लास्टिक जैसी वस्तुएं नदी में न डालें। श्रद्धालुओं से दीपदान के दौरान शुद्ध घी का प्रयोग करने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की गई।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: नवरात्र पर कुट्टू आटा बिक्री के लिए सख्त नियम, बिना लाइसेंस नहीं होगी पैकिंग व बिक्री

गौरतलब है कि गंगा दशहरा का पर्व तन-मन की शुद्धि, दान और सेवा की भावना को समर्पित है। इस दिन गंगा तटों पर उमड़ी श्रद्धा की भीड़ ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति की गहराई और गंगा के प्रति जनमानस की आस्था को उजागर कर दिया।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page