कीव/मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में यूक्रेन ने अपनी लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता को लेकर बड़ा दावा किया है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, उसकी रक्षा सेनाओं ने रूस के साइबेरिया क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण तेल रिफाइनिंग सुविधा को निशाना बनाया है। मंत्रालय का दावा है कि यह ठिकाना यूक्रेन से 2,500 किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर स्थित है।
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उसकी लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता ने नया मुकाम हासिल किया है। मंत्रालय के अनुसार, इस बार साइबेरिया के टोबोल्स्क शहर में रूस के तेल रिफाइनिंग उद्योग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सुविधा को निशाना बनाया गया।
यूक्रेन का कहना है कि इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि उसकी लंबी दूरी की मारक क्षमता अब रूस के उन इलाकों तक पहुंच रही है, जिन्हें अब तक युद्ध क्षेत्र से काफी दूर और अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता रहा है।
रूस के ‘सुरक्षित रणनीतिक इलाके’ पर यूक्रेन का दावा
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि रूस के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि उसके पास पूरी तरह सुरक्षित रणनीतिक पिछला क्षेत्र नहीं बचा है। मंत्रालय के मुताबिक, यूक्रेन की लगातार बढ़ती लंबी दूरी की हमले की क्षमता रूस के युद्ध प्रयासों को समर्थन देने वाले बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने में सक्षम हो रही है।
मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन आगे भी गहरे और लंबी दूरी के हमले जारी रखेगा। उसके अनुसार, इन कार्रवाइयों का उद्देश्य रूस को यह संदेश देना है कि युद्ध जारी रखने की कीमत लगातार बढ़ रही है और अंततः शांति ही एकमात्र रास्ता है।
हालांकि, साइबेरिया स्थित जिस तेल रिफाइनिंग सुविधा को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है, वहां हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं है। यूक्रेन के दावे को रूस की ओर से किस स्तर पर स्वीकार या खारिज किया गया है, यह भी अलग से स्पष्ट होना बाकी है।
रूस ने भी यूक्रेनी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया
इस बीच रूस और यूक्रेन के बीच दोनों ओर से सैन्य हमले जारी हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूसी एयरोस्पेस बलों ने यूक्रेन के डोनेट्स्क, खार्किव और सूमी क्षेत्रों में यूक्रेनी सैन्य ठिकानों और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी टोही कार्रवाई के दौरान यूक्रेनी सैनिकों के अस्थायी तैनाती स्थलों और एक मानव रहित हवाई वाहन यानी यूएवी नियंत्रण केंद्र का पता लगाया गया। इसके बाद रूसी विमानों ने इन ठिकानों पर हवाई हमले किए।
रूस के मुताबिक, इन हमलों में FAB-250 हवाई बमों और LMUR एयर-लॉन्च मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि FAB-250 बमों में यूनिवर्सल ग्लाइडिंग और करेक्शन मॉड्यूल लगाए गए थे, जिससे उन्हें अधिक दूरी से लक्षित क्षेत्रों पर गिराया जा सकता है।
लंबी दूरी के हमलों से बढ़ रहा युद्ध का दायरा
यूक्रेन की ओर से रूस के भीतर दूर-दराज के ठिकानों को निशाना बनाने के दावे और रूस की ओर से यूक्रेनी सैन्य ठिकानों पर लगातार हवाई हमले इस बात का संकेत हैं कि युद्ध का दायरा केवल अग्रिम मोर्चों तक सीमित नहीं रह गया है।
साइबेरिया जैसे रूस के भीतरूनी और युद्ध क्षेत्र से बेहद दूर माने जाने वाले इलाके तक हमले की क्षमता का दावा यूक्रेन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि होती है, तो इससे रूस के ऊर्जा और सैन्य आपूर्ति ढांचे की सुरक्षा को लेकर नई चुनौती पैदा हो सकती है।

