Uttarakhand: प्राथमिक शिक्षक भर्ती पर संकट के बादल, एक साथ काउंसलिंग का प्रयोग बना विवाद की जड़

खबर शेयर करें

कम मेरिट वालों के चयन के आरोप, 1670 पदों की भर्ती पर कानूनी उलझन के आसार

देहरादून। शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षक के 1670 पदों के लिए कराई गई काउंसलिंग अब विवादों के घेरे में आ गई है। विभाग द्वारा पहली बार सभी जिलों में एक ही दिन काउंसलिंग कराने का निर्णय कई सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि इस प्रक्रिया के चलते कुछ जिलों में कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों का चयन हो गया, जबकि बेहतर मेरिट वाले उम्मीदवार काउंसलिंग से वंचित रह गए। ऐसे में यह भर्ती प्रक्रिया आने वाले समय में कानूनी दांव-पेंच में फंस सकती है।

New Counseling Experiment Raises Questions: शिक्षा विभाग अब तक प्राथमिक शिक्षक भर्ती में अलग-अलग तिथियों पर काउंसलिंग कराता रहा है। लेकिन इससे विभाग को यह समस्या आ रही थी कि कई अभ्यर्थियों का नाम दो से तीन जिलों की मेरिट सूची में आ जाता था। ऐसे अभ्यर्थी एक जिले की नियुक्ति छोड़कर दूसरे जिले में ज्वाइन कर लेते थे, जिससे कई पद खाली रह जाते थे। इसी परेशानी से बचने के लिए विभाग ने इस बार 12 जनवरी को सभी जिलों में एक साथ काउंसलिंग कराने का नया प्रयोग किया।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: सिक्किम में हिमस्खलन की चपेट में आकर पिथौरागढ़ का जवान शहीद, घर में मचा कोहराम

हालांकि यह प्रयोग जमीन पर सफल होता नजर नहीं आया। कई जिलों में उपलब्ध पदों से कई गुना अधिक अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए पहुंच गए, जिससे डीईओ कार्यालयों में अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई। वहीं कुछ जिलों में स्थिति इसके उलट रही, जहां उच्च मेरिट वाले अभ्यर्थी पहुंच ही नहीं पाए और कम मेरिट वालों की काउंसलिंग कर दी गई।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल: जनपद में 20, 21 व 22 जुलाई को भारी बारिश का रेड अलर्ट, प्रशासन ने विभागों को किया हाई अलर्ट

कई अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे निर्धारित समय पर डीईओ कार्यालय पहुंचे, इसके बावजूद उनकी काउंसलिंग नहीं कराई गई। उनका कहना है कि विभाग को केवल मेरिट में शामिल अभ्यर्थियों को ही पहले दिन बुलाना चाहिए था और उसके बाद खाली पदों के लिए अगले चरण में कम मेरिट वालों को अवसर देना चाहिए था।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि काउंसलिंग के लिए मेरिट सूची पहले ही विभागीय वेबसाइट पर जारी कर दी गई थी और अभ्यर्थियों को मेरिट के अनुसार ही काउंसलिंग के लिए आना था। लेकिन अभ्यर्थियों का दावा है कि मेरिट के आधार पर चयनित उम्मीदवारों को बुलाने के बजाय सभी को एक साथ काउंसलिंग के लिए बुला लिया गया, जिससे अव्यवस्था फैल गई।

यह भी पढ़ें 👉  UKSSSC पेपर लीक केस में बड़ा अपडेट, सीबीआई ने तीन आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

इस पूरे मामले में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कम मेरिट वालों के चयन को लेकर शिकायतें तेज होती हैं, तो प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया न्यायिक जांच और कानूनी चुनौती का सामना कर सकती है।

You cannot copy content of this page