अमित शाह का विपक्ष को खुला चैलेंज, बोले- चर्चा के लिए 24 घंटे तैयार, एक-एक सवाल का दूंगा जवाब

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में लगातार जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। शाह ने कहा कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष को चर्चा के लिए पत्र दे, सरकार बुधवार दोपहर तीन बजे से गुरुवार दोपहर तीन बजे तक चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुवार को वह विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब देंगे।

अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि मोदी सरकार संसद में हर तरह की चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष पर चर्चा के बजाय हंगामा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब जनता तय करेगी कि वास्तव में चर्चा से कौन भाग रहा है। शाह ने कहा कि वह सदन में बैठकर विपक्ष की बात सुनने और उसके सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

NEET छात्र प्रदर्शन पर चर्चा को लेकर सरकार तैयार

गृह मंत्री का यह बयान खास तौर पर NEET से जुड़े छात्र प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष की ओर से मांगे जा रहे जवाब के बीच आया है। विपक्ष लगातार गृह मंत्री से इस मुद्दे पर सदन में बयान देने की मांग कर रहा है। बुधवार को शाह ने कहा कि सरकार इस विषय पर सभी प्रकार की चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को औपचारिक रूप से चर्चा की मांग रखनी चाहिए।

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शाह ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए तैयार है। अब चर्चा के लिए समय निर्धारित करने और सदन को चलने देने की जिम्मेदारी विपक्ष की है।

‘लापता’ और ‘भाग गए’ जैसे आरोपों पर शाह का पलटवार

विपक्ष की ओर से संसद में उनकी अनुपस्थिति को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘लापता’, ‘भाग गए’ और ‘भगोड़े’ जैसे शब्द भारत के सार्वजनिक और संसदीय जीवन में सुनाई दे रहे हैं, जबकि उनका कहना है कि वह लगातार संसद आ रहे हैं और अपने चैंबर में बैठते हैं।

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शाह ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि जब संसद को चलने ही नहीं दिया जा रहा है तो सदन के भीतर जाकर क्या किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है और वह स्वयं सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

‘जनता तय करे कौन भाग रहा है’

गृह मंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष का उद्देश्य चर्चा करना नहीं बल्कि हंगामा करना है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में चर्चा चाहता है तो वह लोकसभा अध्यक्ष को पत्र दे और सदन में बहस के लिए तैयार हो।

शाह ने यह भी कहा कि वह गुरुवार को सदन में मौजूद रहेंगे और विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे। उन्होंने सरकार की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह संसद में हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है।

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संसद में लगातार बना हुआ है गतिरोध

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर है। इनमें छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई और अन्य राजनीतिक मुद्दे शामिल हैं। विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री स्वयं सदन में आकर संबंधित घटनाओं पर जवाब दें। दूसरी ओर सरकार का आरोप है कि विपक्ष चर्चा के बजाय हंगामा कर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है।

अमित शाह के 24 घंटे तक चर्चा के लिए तैयार रहने के प्रस्ताव से अब निगाहें विपक्ष के रुख पर टिक गई हैं। यदि दोनों पक्ष चर्चा के लिए सहमत होते हैं तो लंबे समय से जारी संसद गतिरोध को समाप्त करने का रास्ता खुल सकता है। वहीं, यदि हंगामा जारी रहता है तो मानसून सत्र के बचे हुए कामकाज पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।

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