विकास दाबड़ा, किच्छा। निर्माणाधीन सेटेलाइट एम्स किच्छा को जल्द शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बुधवार को किच्छा में करीब 351 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 280 बेड के सेटेलाइट एम्स का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को श्रमिकों और उपकरणों की संख्या बढ़ाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता सीपीडब्ल्यूडी और एनसीसी के महाप्रबंधक को निर्देश दिए कि 10 सितंबर तक एम्स के भूतल और प्रथम तल का निर्माण कार्य पूरा कर हस्तगत किया जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय भवनों के निर्माण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाए, ताकि अस्पताल में जल्द ओपीडी सेवाएं शुरू की जा सकें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एम्स किच्छा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना है। इसलिए निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए।
अधीक्षण अभियंता सीपीडब्ल्यूडी उत्पल त्रिपाठी ने बताया कि चिकित्सालय के भूतल और प्रथम तल का कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 10 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एम्स के दो आवासीय भवनों का निर्माण पूरा कर उन्हें हस्तगत किया जा चुका है, जबकि शेष आवासीय भवनों का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा। चिकित्सालय परिसर की सड़कों का अधिकांश काम पूरा हो चुका है और प्लांटेशन का कार्य भी कराया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित एम्स में 250 बेड, 10 ऑपरेशन थिएटर और 30 आईसीयू बेड की सुविधा होगी। इसके अलावा डायग्नोस्टिक एवं लैब सेवाओं के साथ कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स तथा इमरजेंसी एवं ट्रॉमा जैसी चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। चिकित्सालय परिसर में सराय और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी बनाए जाएंगे।
एप्रोच पुलिया और नाले का काम एक माह में पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एम्स के हाईवे साइड स्थित तीन एप्रोच गेटों के पास नाला निर्माण और एप्रोच पुलिया बनाने के निर्देश अधिशासी अभियंता सिंचाई को दिए। उन्होंने यह कार्य एक माह के भीतर पूरा कराने को कहा, ताकि अस्पताल परिसर में आवागमन को सुगम बनाया जा सके।
जिलाधिकारी ने एम्स अधिकारियों को मेडिकल उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और उपकरणों को समय पर स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अस्पताल के संचालन के लिए आवश्यक मेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया भी समय से पूरी करने को कहा, ताकि भवन तैयार होने के बाद ओपीडी शुरू करने में किसी तरह की बाधा न आए।
जिलाधिकारी ने कहा कि एम्स में निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही चिकित्सा सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की तैयारी की जाए। इससे किच्छा के साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केके अग्रवाल, उप जिलाधिकारी गौरव पांडे, अधीक्षण अभियंता एवं परियोजना निदेशक सीपीडब्ल्यूडी उत्पल त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता सिंचाई बीएस डांगी, लोक निर्माण विभाग के गजेंद्र सिंह, तहसीलदार गिरीश त्रिपाठी, एनसीसी के महाप्रबंधक शंकर बालू, हरिशंकर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

