अमेरिका में ट्रंप और मस्क के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन, 50 राज्यों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे

खबर शेयर करें

वाशिंगटन। अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उद्योगपति एलन मस्क की नीतियों के खिलाफ शनिवार को देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। 50 राज्यों के 1200 से अधिक शहरों में हजारों प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण मार्च निकालते हुए सरकार और कॉरपोरेट नीतियों पर निशाना साधा। यह विरोध प्रदर्शन महिला मार्च (2017) और ब्लैक लाइव्स मैटर (2020) के बाद सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।

सामाजिक संगठनों की बड़ी भागीदारी
150 से अधिक सामाजिक संगठनों, नागरिक अधिकार समूहों, श्रमिक संघों, LGBTQ+ कार्यकर्ताओं और चुनाव कार्यकर्ताओं ने इन प्रदर्शनों में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप प्रशासन की सामाजिक सुरक्षा में कटौती, आव्रजन नीति में बदलाव, ट्रांसजेंडर अधिकारों और स्वास्थ्य सेवाओं पर हो रहे हमलों का विरोध किया।

यह भी पढ़ें 👉  अमेरिका में तूफान और टॉरनेडो का कहर, 27 की मौत, 6.60 लाख घरों की बिजली गुल

ट्रंप और मस्क पर देश को नुकसान पहुंचाने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एलन मस्क के नेतृत्व में सरकारी दक्षता विभाग बड़े पैमाने पर नौकरियां छीन रहा है, जबकि ट्रंप प्रशासन सामाजिक सुरक्षा और मानवाधिकारों को कमजोर कर रहा है। लॉस एंजिलिस और पोर्टलैंड में प्रदर्शनकारियों ने पर्शिंग स्क्वायर से सिटी हॉल तक मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

यह भी पढ़ें 👉  चीन पर ट्रंप का यू-टर्न : 6 लाख छात्रों को मिलेगा अमेरिका में पढ़ाई का मौका

व्हाइट हाउस का बयान
व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा पात्र नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा, मेडिकेयर और मेडिकेड देने के पक्षधर हैं। उन्होंने डेमोक्रेट्स पर हमला करते हुए कहा कि वे अवैध प्रवासियों को ये लाभ देना चाहते हैं, जिससे ये योजनाएं दिवालिया हो सकती हैं।

यह भी पढ़ें 👉  सुनीता विलियम्स की वापसी फिर टली, स्पेसएक्स के क्रू-10 मिशन की लॉन्चिंग स्थगित

फ्लोरिडा में ट्रंप गोल्फ में व्यस्त
वहीं, विरोध प्रदर्शनों के बीच ट्रंप फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने आलीशान घर और गोल्फ कोर्स में समय बिताते दिखे। व्हाइट हाउस के अनुसार, शनिवार को उन्होंने गोल्फ खेला और रविवार को भी ऐसा ही कार्यक्रम तय है।

एक प्रदर्शनकारी ब्रूम ने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका को तोड़ने में लगे हैं, हम इसे चुपचाप नहीं सह सकते।”

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page