नोबेल शांति पुरस्कार पर ट्रंप का फिर दावा, बोले- आठ युद्ध खत्म कराए, फिर भी सम्मान नहीं मिला तो समिति की साख पर सवाल

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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार पर अपना दावा जताया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आठ युद्ध खत्म कराए हैं और ऐसे काम किए हैं, जिनकी मिसाल पहले देखने को नहीं मिली। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर इतने बड़े योगदान के बावजूद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलता है तो इससे पुरस्कार देने वाली समिति की साख पर सवाल खड़े होंगे।

ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपनी उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा, “मैंने वो काम किए हैं, जो किसी और ने कभी नहीं किए। मैं अपनी तारीफ नहीं कर रहा, बल्कि सिर्फ तथ्य बता रहा हूं। शायद ही किसी राष्ट्रपति ने कभी कोई युद्ध खत्म कराया हो। मैंने आठ युद्ध खत्म कराए हैं।”

नोबेल समिति पर भी साधा निशाना

ट्रंप ने कहा कि नोबेल समिति की छवि ऐसी रही है कि शायद वह उनके जैसे व्यक्ति को यह पुरस्कार नहीं देना चाहती। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पुरस्कार मिले या न मिले, उन्होंने पहले ही काफी कुछ हासिल कर लिया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि कोई नेता आठ युद्ध रुकवाने का दावा करता है तो उसके योगदान को नजरअंदाज करना समिति के लिए नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने अपने बयान को नाराजगी या तंज के बजाय अपने काम के आधार पर किया गया दावा बताया।

एक और संघर्ष सुलझाने का दिया संकेत

ट्रंप ने संकेत दिया कि उनकी युद्ध रोकने की कोशिशें अभी खत्म नहीं हुई हैं और वह एक और संघर्ष को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि उनका इशारा अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष की ओर था। हालांकि, उन्होंने इस संभावित पहल को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

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ट्रंप लगातार अपने विदेश नीति प्रयासों को शांति स्थापित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताते रहे हैं और इन्हीं उपलब्धियों को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपने दावे का आधार बना रहे हैं।

ओबामा के पुरस्कार पर उठाए सवाल

ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को 2009 में मिले नोबेल शांति पुरस्कार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें आज तक समझ नहीं आया कि ओबामा को यह सम्मान किस आधार पर दिया गया था।

ट्रंप के मुताबिक, ओबामा को राष्ट्रपति चुने जाने के तुरंत बाद ही नोबेल पुरस्कार दे दिया गया, जबकि उस समय उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया था, जिसके लिए उन्हें यह सम्मान मिलना चाहिए था। इसके साथ ही ट्रंप ने खुद को इस पुरस्कार का अधिक हकदार बताया।

मारिया कोरिना मचाडो का भी किया जिक्र

ट्रंप ने पिछले साल की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो का भी उल्लेख किया। उन्होंने मचाडो को शानदार महिला बताते हुए कहा कि उन्होंने खुद माना था कि इस सम्मान के असली हकदार ट्रंप थे।

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ट्रंप के मुताबिक, मचाडो ने ओवल ऑफिस में उन्हें अपना पुरस्कार सौंपा था। उन्होंने कहा कि मचाडो से यह सम्मान अप्रत्यक्ष रूप से पाकर उन्हें खुशी हुई।

टैरिफ को भी बताया शांति का हथियार

ट्रंप ने अपने दावों को दोहराते हुए कहा कि पिछले एक साल में उन्होंने आठ युद्ध खत्म कराए, बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की और कई अन्य संभावित संघर्षों को शुरू होने से रोका। उन्होंने इसके लिए टैरिफ की धमकी को भी एक अहम माध्यम बताया।

ट्रंप का दावा है कि कुछ देशों पर आयात शुल्क लगाने का दबाव बनाकर उन्होंने ऐसे कदम उठाने से रोका, जिनसे लोगों की जान जा सकती थी। उनके मुताबिक, आर्थिक दबाव का इस्तेमाल भी संघर्षों को रोकने के लिए किया जा सकता है।

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