किच्छा (ऊधम सिंह नगर)। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने भाजपा के संदीप अरोड़ा को 6,077 वोट के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। बुधवार को नवीन मंडी समिति परिसर में हुई मतगणना में राजेश प्रताप सिंह को 19,508 वोट, जबकि भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा को 13,431 वोट मिले।
चार चक्रों में हुई मतगणना के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले चक्र से लेकर अंतिम चक्र तक राजेश प्रताप सिंह लगातार भाजपा प्रत्याशी से आगे रहे। मतगणना पूरी होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी की जीत की आधिकारिक घोषणा की गई।
किच्छा में 22 सितंबर को मतदान हुआ था। मतगणना को लेकर पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बुधवार को नवीन मंडी परिसर में मतगणना कराई गई।
20 वार्डों में भी दिखी मिली-जुली तस्वीर
नगर पालिका के 20 वार्डों के परिणाम में कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। परिणाम इस प्रकार रहे—
- वार्ड 1: निर्दलीय चंदन पांडे
- वार्ड 2: भाजपा की निर्मला देवी
- वार्ड 3: कांग्रेस की दरक्षा
- वार्ड 4: भाजपा के राजकुमार कोली
- वार्ड 5: भाजपा के श्याम बिष्ट
- वार्ड 6: भाजपा की शिल्पी चौबे
- वार्ड 7: कांग्रेस के हसीब
- वार्ड 8: निर्दलीय राजू कोली
- वार्ड 9: भाजपा की अयोध्या देवी
- वार्ड 10: कांग्रेस की निशा
- वार्ड 11: निर्दलीय मुरली यादव
- वार्ड 12: निर्दलीय दिव्यांशु अग्रवाल
- वार्ड 13: कांग्रेस के गुलशन सिंधी
- वार्ड 14: कांग्रेस की मन्तशा
- वार्ड 15: कांग्रेस की सबा
- वार्ड 16: निर्दलीय डॉ. निदा
- वार्ड 17: कांग्रेस की अलीना मलिक
- वार्ड 18: कांग्रेस के मोहम्मद आरिफ
- वार्ड 19: निर्दलीय विशाल शर्मा
- वार्ड 20: कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह
जीत के बाद बोले राजेश- जनता ने दिया जवाब
जीत के बाद कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने इसे जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि किच्छा की जनता ने साबित कर दिया है कि वह किच्छा के थे और किच्छा के ही रहेंगे। उन्होंने अपने विरोधियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें बाहरी बताने वालों को जनता ने अपने फैसले से जवाब दे दिया है।
राजेश प्रताप सिंह ने कहा कि वह जीत के बाद विकास कार्यों के जरिए जनता के एक-एक वोट का हिसाब करेंगे। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय विधायक तिलकराज बेहड़ और किच्छा की जनता को दिया।
किच्छा के नतीजे के साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा हो गया। वहीं, भाजपा प्रत्याशी की हार के बाद पार्टी समर्थकों में मायूसी नजर आई।

