टैक्स बढ़ते ही तेज हुआ कालाबाजारी का खेल, हल्द्वानी में रात के अंधेरे में उतर रहा गुटखा-पान मसाला

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हल्द्वानी। तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने के बाद सरकार भले ही कर चोरी पर लगाम लगाने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट दिखाई दे रही है। कुमाऊं के प्रवेश द्वार Haldwani में गुटखा और पान मसाला की कालाबाजारी अब पहले से ज्यादा तेज हो गई है। कथित कारोबारी बेखौफ होकर टैक्स चोरी का खेल खेल रहे हैं और सरकार को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगा रहे हैं।

दरअसल, 1 फरवरी 2026 से तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी और एक्साइज ड्यूटी की नई व्यवस्था लागू की गई थी। सरकार का मकसद था कि टैक्स चोरी पर रोक लगे और राजस्व में बढ़ोतरी हो। लेकिन टैक्स बढ़ने के साथ ही कुछ कारोबारियों ने सिस्टम की खामियों का फायदा उठाते हुए कालाबाजारी को और संगठित तरीके से बढ़ा दिया है।

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सूत्रों के अनुसार, Haldwani के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में गुटखा और पान मसाला का बड़ा खेल चल रहा है। बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रकों को दिन में उतारने के बजाय रात के अंधेरे में गोदामों में खाली कराया जा रहा है, ताकि किसी की नजर न पड़े और जांच से बचा जा सके।

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बताया जा रहा है कि बड़े वाहनों में गुटखा और पान मसाला के दर्जनों बैग आते हैं। एक बैग की कीमत करीब 24 से 25 हजार रुपये तक होती है, जबकि उसका वजन लगभग 15 से 20 किलो होता है। इस हिसाब से एक ही खेप में लाखों रुपये का माल शहर में खपाया जा रहा है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य में टैक्स चोरी रोकने के लिए सीमाओं पर चेकपोस्ट और जिम्मेदार विभाग मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद बाहरी राज्यों से आने वाले इस माल की प्रभावी जांच नहीं हो पा रही है। इससे Uttarakhand सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावों की भी पोल खुलती नजर आ रही है।

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स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस अवैध कारोबार में शामिल कथित कारोबारी रोजाना सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि खुद मोटी कमाई कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कब जागेंगे और इस खुलेआम चल रहे खेल पर कब तक लगाम लगेगी।

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