होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा: ईरान के ठिकानों पर अमेरिकी हमले, मिसाइल-ड्रोन भंडार और रडार साइट्स को बनाया निशाना

खबर शेयर करें

वॉशिंगटन/तेहरान। मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि उसने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों के साथ-साथ तटीय रडार साइट्स पर सटीक हवाई हमले किए हैं। अमेरिका के अनुसार यह कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर ड्रोन हमला किए जाने के जवाब में की गई।

सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल मिसाइल और ड्रोन संचालन के लिए किया जा रहा था। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया।

यह भी पढ़ें 👉  होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का फिर सख्त नियंत्रण, अमेरिका से बढ़ा टकराव

वाणिज्यिक जहाज पर हमले का आरोप

अमेरिका के मुताबिक, 25 जून को ईरान ने एम/वी एवर लवली (M/V Ever Lovely) नामक वाणिज्यिक जहाज पर एकतरफा ड्रोन हमला किया था। सेंटकॉम ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों और संघर्ष विराम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन बताया।

अमेरिकी सेना ने कहा कि नागरिक और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि इससे वैश्विक समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता भी प्रभावित होती है।

यह भी पढ़ें 👉  स्विट्जरलैंड रिसॉर्ट अग्निकांड: मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 47, नए साल के जश्न के दौरान लगी थी आग

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ाई सुरक्षा

सेंटकॉम ने बताया कि उसकी सेनाएं होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लगातार तैनात हैं। अमेरिकी सैन्य बल जहाजों को समन्वय और सुरक्षा सहायता उपलब्ध करा रहे हैं ताकि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर किसी तरह की बाधा न आए।

अमेरिकी सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क है और ईरान के साथ हुए समझौतों के पालन के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

यह भी पढ़ें 👉  आधार कार्ड में बड़ा बदलाव: अब पिता/पति का नाम नहीं होगा, केवल जन्म वर्ष और पता दर्ज होगा

वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम है होर्मुज

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक कच्चे तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।

हालांकि, इस घटनाक्रम पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में क्षेत्र में हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page