संपत्ति का ब्योरा आते ही भड़के छात्र-युवा, स्रोतों की निष्पक्ष जांच की मांग, कैबिनेट मंत्रियों की दौलत ने भी चौंकाया
काठमांडू। नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की लहर पर सत्ता में आई Balendra Shah सरकार अब अपनी ही घोषित संपत्तियों को लेकर विवादों में घिर गई है। खुद को ‘गैर-VIP’ और आम आदमी का प्रतिनिधि बताने वाले प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों की करोड़ों की संपत्ति का खुलासा होते ही देशभर में सियासी हलचल तेज हो गई है।
सरकार गठन के एक महीने के भीतर ही कैबिनेट ने अपनी संपत्ति सार्वजनिक की, लेकिन पारदर्शिता के इस कदम को सराहना के बजाय सवालों और विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को छात्रों और युवाओं ने सड़कों पर उतरकर संपत्ति के स्रोतों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिन नेताओं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाकर सत्ता हासिल की, उनकी इतनी बड़ी संपत्ति के स्रोत स्पष्ट किए जाने चाहिए। जनरेशन-ज़ेड (Gen-Z) के नेतृत्व में हो रहे इन प्रदर्शनों ने सरकार की छवि पर दबाव बढ़ा दिया है।
आधिकारिक ब्योरे के मुताबिक, प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के बैंक खातों में करीब 1.46 करोड़ रुपये जमा हैं। उन्होंने अपनी आय का प्रमुख स्रोत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—फेसबुक और यूट्यूब—को बताया है। इसके अलावा उनके पास काठमांडू, धनुषा और महोत्तरी जिलों में मकान और जमीनें हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उनके पास मौजूद 190 तोला पुश्तैनी सोने को लेकर हो रही है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
कैबिनेट के अन्य मंत्री भी संपत्ति के मामले में पीछे नहीं हैं। वित्त मंत्री Swarnim Waglé ने करीब 1.9 करोड़ रुपये के शेयर निवेश और लगभग 90 लाख रुपये बैंक में जमा होने की जानकारी दी है। उनके पास ललितपुर में करोड़ों की संपत्ति और विभिन्न स्थानों पर 10.75 करोड़ रुपये से अधिक की जमीनें हैं।
वहीं, गृह मंत्री Sudan Gurung ने 4.31 करोड़ रुपये के शेयर निवेश, कई जिलों में जमीन और 89 तोला सोने की जानकारी सार्वजनिक की है।
नेपाल के भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मंत्रियों को पदभार संभालने के 60 दिनों के भीतर अपनी संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य है। हालांकि, इस बार सामने आए आंकड़ों ने पारदर्शिता के साथ-साथ नेताओं की आय के स्रोतों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
देशभर में बढ़ते विरोध के बीच अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इन आरोपों और मांगों का क्या जवाब देती है और क्या संपत्ति की स्वतंत्र जांच कराई जाती है या नहीं।
