नई दिल्ली। दिवाली से पहले देश की राजधानी दिल्ली प्रदूषण की गिरफ्त में आ गई है। शहर की आबोहवा लगातार बिगड़ रही है और लोगों के लिए स्वच्छ हवा में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। सोमवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 के पार पहुंच गया। सबसे चिंताजनक स्थिति जहांगीरपुरी की रही, जहां एक्यूआई 420 दर्ज किया गया। इसके साथ ही पंजाबी बाग और रोहिणी में भी प्रदूषण का स्तर 399 तक पहुंच गया।
समीर ऐप के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के अधिकांश इलाकों में हवा बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है। अलीपुर में एक्यूआई 382, मुद्रिका में 377, विवेक विहार में 376, नरेला में 375, आरके पुरम और सुनीता विहार में 370 तथा बवाना में 365 दर्ज किया गया। वहीं चांदनी चौक में 361, नॉर्थ कैंपस (डीयू) में 359, पटपड़गंज और द्वारका सेक्टर-8 में 357 तथा सिरीफोर्ट में 354 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।
इसके अलावा आईटीओ में 351, ओखला फेज-2 में 350, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 349, पूसा में 340, मंदिर मार्ग में 340 और आईआईटी दिल्ली में 337 एक्यूआई रहा। हालांकि आईजीआई एयरपोर्ट पर एक्यूआई 294, नेहरू नगर में 289 और लोधी रोड पर 251 दर्ज किया गया।
बारिश से मिली राहत, फिर बिगड़ी हवा
दिल्ली में पिछले दिनों हुई बारिश से प्रदूषण के स्तर में कुछ गिरावट आई थी और लोगों को दो दिनों तक राहत मिली। लेकिन रविवार को एक बार फिर हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई। हालात ऐसे रहे कि रविवार का दिन मौजूदा सीजन का ही नहीं, बल्कि 12 जुलाई के बाद से सबसे अधिक प्रदूषित दिन दर्ज किया गया।
एक नवंबर से लागू हैं नए प्रतिबंध
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक नवंबर से नए प्रतिबंध लागू किए गए हैं। हालांकि प्रतिबंध लागू होने के बावजूद प्रदूषण के स्तर में तत्काल सुधार नजर नहीं आया। दिवाली से पहले हवा की बिगड़ती गुणवत्ता ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
जहांगीरपुरी में हवा गंभीर श्रेणी में
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मानकों के अनुसार, 0 से 50 तक एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी में माना जाता है। इस लिहाज से जहांगीरपुरी में दर्ज 420 एक्यूआई गंभीर श्रेणी में है, जबकि दिल्ली के अधिकांश इलाके बहुत खराब श्रेणी में पहुंच चुके हैं।

