Haldwani: नंधौर अभयारण्य में ईको-टूरिज्म सफारी सीजन 2026-27 का आगाज, सांसद अजय भट्ट ने दिखाई हरी झंडी

खबर शेयर करें

लालकुआं/हल्द्वानी। तराई की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के दीदार के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है। हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में पर्यटन सत्र 2026-27 का रविवार, 1 नवंबर को विधिवत शुभारंभ हो गया। चोरगलिया गेट पर नैनीताल-उधम सिंह नगर के सांसद अजय भट्ट ने सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर नए पर्यटन सत्र की शुरुआत की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, स्थानीय ग्रामीणों, नेचर गाइडों और सफारी वाहन संचालकों की मौजूदगी रही।

नए पर्यटन सत्र के शुभारंभ के साथ ही नंधौर अभयारण्य में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस बार वन विभाग ने सफारी मार्गों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले ही पूरा कर लिया है, जिससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

बाघ, हाथी और तेंदुए के दीदार का मिलेगा मौका

नंधौर वन्यजीव अभयारण्य अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने साल वनों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए खास पहचान रखता है। यहां बाघ, हाथी, तेंदुआ, भालू, सांभर, घुरल और मोर सहित कई वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। इसके अलावा दुर्लभ पक्षी प्रजातियों, तितलियों और विभिन्न वनस्पतियों की मौजूदगी इस क्षेत्र को प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए आकर्षक बनाती है।

सफारी पर्यटन सत्र के शुभारंभ के मौके पर वन विभाग के अधिकारियों ने अभयारण्य की जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नंधौर को प्रमुख प्रकृति एवं वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  बिहार के मंत्री नितिन नबीन बने BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, जेपी नड्डा की जगह मिली जिम्मेदारी

40 नेचर गाइड और 21 सफारी वाहनों को मिलेगा सीधा रोजगार

नंधौर अभयारण्य में ईको-टूरिज्म स्थानीय लोगों की आजीविका का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। वर्तमान में हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत 40 पंजीकृत नेचर गाइड और 21 पंजीकृत सफारी वाहन पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़े हुए हैं। इनके अलावा स्थानीय दुकानदारों, कारोबारियों और अन्य व्यवसायियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल रहा है।

वन विभाग की ओर से अधिक से अधिक सफारी वाहनों और नेचर गाइडों का पंजीकरण करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही नंधौर अभयारण्य की समर्पित वेबसाइट विकसित करने, नए ईको-टूरिज्म ट्रेल तैयार करने तथा क्षेत्र की पक्षी और जैव विविधता को दस्तावेजी रूप देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

सांसद अजय भट्ट ने की वन विभाग के प्रयासों की सराहना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अजय भट्ट ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में वन विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नंधौर वन्यजीव अभयारण्य प्राकृतिक सौंदर्य, पक्षी विविधता और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां ईको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं, जिनका लाभ पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिक उन्नति के लिए भी उठाया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  बांग्लादेश में हिंदुओं पर कहर जारी, सिलहट में कट्टरपंथियों ने हिंदू परिवार का घर जलाया

सांसद ने विशेष रूप से इस वर्ष सफारी मार्गों की मरम्मत और रखरखाव का काम पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले पूरा करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय से सफारी शुरू होने से अधिक पर्यटक यहां पहुंच सकेंगे और स्थानीय युवाओं, नेचर गाइडों तथा सफारी वाहन संचालकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने आश्वस्त किया कि नंधौर अभयारण्य के विकास, ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उनके स्तर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन गतिविधियों का संचालन वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए।

नए पर्यटन ट्रेल और वेबसाइट से बढ़ेगा नंधौर का आकर्षण

इससे पूर्व आयोजित कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी नंधौर गणेश दत्त जोशी ने अतिथियों और स्थानीय लोगों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वन विभाग अभयारण्य में ईको-टूरिज्म को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देने के लिए कई स्तरों पर काम कर रहा है। इसके तहत सफारी वाहनों और नेचर गाइडों का पंजीकरण, नए पर्यटन मार्गों का विकास तथा अभयारण्य की जैव विविधता का संकलन किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने हजारों लोगों संग किया योग, बोले- उत्तराखंड बनेगा दुनिया की योग और वेलनेस राजधानी

प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी उमेश चन्द्र तिवारी ने नंधौर अभयारण्य की स्थापना के उद्देश्यों, वन्यजीव संरक्षण में इसकी भूमिका और स्थानीय समुदाय की सहभागिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अभयारण्य का उद्देश्य केवल वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण करना ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना भी है।

उन्होंने सांसद अजय भट्ट से अभयारण्य के समग्र विकास और ईको-टूरिज्म के विस्तार के लिए मार्गदर्शन एवं सहयोग का अनुरोध किया।

सफारी भ्रमण कर सांसद ने देखा अभयारण्य का प्राकृतिक सौंदर्य

कार्यक्रम के समापन पर सांसद अजय भट्ट और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सफारी भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने अभयारण्य की प्राकृतिक सुंदरता, वन संपदा और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों का अवलोकन किया।

कार्यक्रम में नैनीताल कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष राजेंद्र रूख्मी, जिला पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता पवन सिंह नेगी एवं मनोज खत्री सहित क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, महिला स्वयं सहायता समूहों, नेचर गाइडों, सफारी संचालकों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी नंधौर लक्ष्मण सिंह महता, वन क्षेत्राधिकारी एकता जोशी, वन क्षेत्राधिकारी गोलापार जगदीश चन्द्र पंत सहित नंधौर उप वन प्रभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page