Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने हजारों लोगों संग किया योग, बोले- उत्तराखंड बनेगा दुनिया की योग और वेलनेस राजधानी

खबर शेयर करें

बनबसा। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बनबसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हजारों योग साधकों, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, मातृशक्ति और वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। योग दिवस के अवसर पर पूरा बनबसा योगमय नजर आया और लोगों ने स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनाने का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक स्थिरता, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन की दिशा में आगे बढ़ाता है।

मां शारदा की पावन भूमि पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रवासियों के साथ योगाभ्यास करने का अवसर उनके लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने योग प्रशिक्षकों, साधकों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand Budget Session: सदन में पेश हुआ ‘देवभूमि परिवार विधेयक-2026’, परिवार आधारित एकीकृत डेटाबेस बनेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में तनाव, अवसाद और अनियमित जीवनशैली कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे रही है। ऐसे दौर में योग और प्राणायाम एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार के रूप में सामने आए हैं। नियमित योगाभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

उन्होंने कहा कि योग ने विश्वभर में मानवता को जोड़ने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक पहचान मिली और आज 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं। योग भारत की उस सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जो पूरी दुनिया को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का संदेश देती है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड योग, अध्यात्म और साधना की प्राचीन परंपराओं की भूमि है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में राज्य में देश की पहली योग नीति लागू की गई है। इस नीति के तहत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी और योग, ध्यान तथा प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान की व्यवस्था की गई है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: पंतनगर विवि में पीएचडी छात्र की हृदय गति रुकने से मौत

उन्होंने बताया कि प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं और सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर योग और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य शारदा नदी तट को योग और आध्यात्मिक साधना के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना भी है। उन्होंने बताया कि करीब 3300 करोड़ रुपये की लागत से शारदा कॉरिडोर परियोजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट और विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा। प्रथम चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्यों की शुरुआत भी हो चुकी है।

यह भी पढ़ें 👉  हरिद्वार में होटल कारोबारी पर सरेराह फायरिंग, दो गोलियां लगने से हालत गंभीर

मुख्यमंत्री ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि योग को केवल एक दिन का आयोजन न समझें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर अनुशासित, स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मुख्यमंत्री सचिव एवं कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आयुष सचिव रंजना राजगुरु, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, एसपी चम्पावत रेखा यादव, जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी ऊधमसिंहनगर अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती समेत अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page