नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की रैली के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कथित वोट चोरी, मतदाता सूची से नाम हटाने और सरकारी संस्थाओं पर कब्जे के आरोप लगाते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल या नेता की आवाज नहीं है, बल्कि देश के युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज है। उन्होंने कहा, “हम हिंदुस्तान में लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे और संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे।”
‘संविधान से बड़ा कोई नहीं, चाहे कितनी भी ताकत हो’
राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि यह संदेश केवल राजनीतिक नेताओं तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के युवा, किसान और मजदूर लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी के पास कितना भी पैसा और ताकत क्यों न हो, वह संविधान से बड़ा नहीं हो सकता। संविधान देश के हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करता है और उसकी सर्वोच्चता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी का आरोप- 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए
रैली में राहुल गांधी ने कथित वोट चोरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि वर्षों से देश में वोट चोरी हो रही है और मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक तथा पश्चिम बंगाल में भी इस तरह के मामले सामने आए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम और मतदाता सूची से नाम हटाकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि वर्ष 2024 के चुनाव के बाद 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का करीब 15 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए और विपक्ष के बीच करीब तीन प्रतिशत मतों का अंतर था। ऐसे में मतदाता सूची से इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के आरोप बेहद गंभीर हैं। राहुल गांधी ने इन दावों के आधार पर 2024 के चुनाव की वैधता पर भी सवाल उठाए।
‘ज्ञानेश कुमार CEC पद से हटेंगे और जेल जाएंगे’
राहुल गांधी ने अपने भाषण में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बेहद कड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से हटाया जाएगा और उन्हें जेल भी जाना पड़ेगा।
उन्होंने कथित वोट चोरी को आम चोरी से अलग बताते हुए कहा कि यह देश के नागरिकों की आवाज और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की चोरी है। राहुल गांधी ने इसे गंभीर कानूनी मामला बताते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सीबीआई, ईडी, न्यायपालिका, नौकरशाही और पुलिस जैसी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है। राहुल गांधी ने कहा कि ये संस्थाएं देश के नागरिकों की हैं, किसी राजनीतिक दल या संगठन की नहीं।
अंबानी-अदाणी का नाम लेकर सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने देश की आर्थिक व्यवस्था और उद्योगपतियों को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का अधिकांश धन कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में सिमटता जा रहा है।
राहुल गांधी ने अंबानी और अदाणी का नाम लेते हुए कहा कि बड़े उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ हो जाते हैं, जबकि छोटे किसान और मजदूर कर्ज नहीं चुका पाने पर मुश्किलों का सामना करते हैं।
उन्होंने कहा कि देश ऐसा नहीं होना चाहिए, जहां किसानों, युवाओं और मजदूरों को उनका अधिकार न मिले और आर्थिक संसाधनों पर कुछ लोगों का नियंत्रण हो जाए।
‘हवाई अड्डे, रेलवे और बुनियादी ढांचे पर भी कब्जे का आरोप’
राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अदाणी को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश के संस्थानों, शिक्षा, स्वास्थ्य, हवाई अड्डों, रेलवे और बुनियादी ढांचे पर कुछ चुनिंदा लोगों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश दो-तीन लोगों का नहीं हो सकता। राहुल गांधी ने ड्रोन, हथियारों और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी अदाणी के बढ़ते प्रभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष इस तरह की व्यवस्था स्वीकार नहीं करेगा।
मोदी-शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कथित वोट चोरी और देश के संसाधनों को लेकर लगाए गए आरोपों पर विपक्ष कानूनी लड़ाई लड़ेगा।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के बाद नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राहुल गांधी ने दावा किया कि देश उनसे न्याय मांगेगा और उन्हें जवाबदेह होना पड़ेगा।
‘हम नफरत नहीं करते, लेकिन नागरिकों की आवाज सबसे जरूरी’
अपने भाषण के आखिरी हिस्से में राहुल गांधी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह या ज्ञानेश कुमार से व्यक्तिगत नफरत नहीं करते। लेकिन उनके मुताबिक, इन नेताओं ने देश के संविधान और लोकतंत्र पर हमला किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की लड़ाई हिंसा की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से अपने अधिकारों की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि किसी को मारने या नुकसान पहुंचाने के बजाय संविधान और नागरिकों की आवाज को सर्वोपरि रखना जरूरी है।

