हल्द्वानी। नैनीताल जिले में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता और पंजीकरण के क्लीनिक संचालित करने वालों के खिलाफ अब प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में संचालित अवैध दवाखानों, नीम-हकीमों और झोलाछाप क्लीनिकों पर कार्रवाई के लिए दो अलग-अलग समितियों का गठन किया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बिना चिकित्सकीय अर्हता और वैध पंजीकरण के लोगों का इलाज करना जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। नगर क्षेत्र की समिति में नगर आयुक्त नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम, संबंधित उप जिलाधिकारी, नगर पालिका या नगर पंचायत के संबंधित अधिशासी अधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा नामित चिकित्सक को शामिल किया गया है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित उप जिलाधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा नामित चिकित्सक, संबंधित खंड विकास अधिकारी तथा जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा नामित ग्राम विकास अधिकारी या ग्राम पंचायत अधिकारी समिति का हिस्सा होंगे।
दोनों समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर सघन चेकिंग अभियान चलाएंगी। इस दौरान क्लीनिक संचालकों की शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल काउंसिल में वैध पंजीकरण और औषधि लाइसेंस की जांच की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान बिना वैध प्रमाण पत्र के संचालित क्लीनिक या प्रतिष्ठान मिलने पर उन्हें तत्काल सील किया जाए। इसके साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन अवैध चिकित्सकों और नीम-हकीमों के प्रचार-प्रसार पर भी कार्रवाई करेगा। ऐसे लोगों के होर्डिंग, पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने गठित समितियों को अपने-अपने क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर अभियान चलाने और कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रतिदिन की कार्रवाई की रिपोर्ट संबंधित उप जिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

