जंगली जानवरों के खतरे के बीच बच्चों को अकेला छोड़ने पर सख्त हुए अधिकारी, डीएम को भेजी कार्रवाई की रिपोर्ट
नैनीताल। जिले के दुर्गम क्षेत्रों में स्कूलों की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सामने आई है। बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डेय ने धारी और भीमताल ब्लॉक के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें हेडिया गांव के विद्यालय में गंभीर लापरवाही उजागर हुई। यहां पिछले तीन दिनों से कोई शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचा था, जबकि 13 बच्चे पढ़ाई के लिए विद्यालय आ रहे थे।
निरीक्षण के दौरान पता चला कि विद्यालय के दोनों नियमित शिक्षक अवकाश पर हैं। उनकी जगह भेजे गए वैकल्पिक शिक्षक हरीश चन्द्र पाठक भी बिना सूचना अनुपस्थित मिले। स्थिति देखकर सीडीओ ने नाराजगी जताई और कहा कि जिस क्षेत्र में जंगली जानवरों का खतरा बना रहता हो, वहां बच्चों को बिना निगरानी छोड़ना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीडीओ ने तत्काल खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भेज दी।
इसके बाद उन्होंने संत सोमवारी महाराज राजकीय इंटर कॉलेज, पदमपुरी का निरीक्षण किया। यहां व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। विद्यालय में 306 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और निरीक्षण के दौरान सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने यहां कक्षा 12 के विद्यार्थियों की क्लास भी ली। उन्होंने छात्रों को मेहनत, अनुशासन और बड़ा लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शिक्षकों को शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डेय ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

