देहरादून। परिवहन विभाग में कथित अवैध वसूली के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों से हर महीने पैसे वसूलने के आरोप में घिरे सब-इंस्पेक्टर शशिकांत तेंगोवाल को निलंबित कर दिया गया है। विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
बीते सोमवार को हर्रावाला क्षेत्र में कथित वसूली के लिए पहुंचे सब-इंस्पेक्टर को स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। आरोप है कि लोगों ने उन्हें एक दुकान में बंद कर करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जुट गई और लोगों ने खुलकर आरोप लगाए कि वह लंबे समय से अवैध वसूली कर रहा था।
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि वसूली के लिए बाकायदा वाहन के हिसाब से रकम तय थी। आरोप है कि छोटी गाड़ियों से दो हजार रुपये, छह टायर वाले वाहनों से आठ हजार, आठ टायर से दस हजार और 12 टायर वाले वाहनों से 12 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह सिलसिला पिछले चार वर्षों से जारी था।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया। मामले का संज्ञान परिवहन सचिव ने लिया, जिसके बाद मंगलवार को अधिकारियों की बैठक बुलाई गई। प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए जाने पर सब-इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस संबंध में आदेश अपर परिवहन आयुक्त की ओर से जारी किए गए हैं।
विभाग अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है और संभावना जताई जा रही है कि जांच में अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

