ईरान का दावा: 4 अमेरिकी एयरक्राफ्ट मार गिराए, इस्फहान में जारी कीं तस्वीरें-वीडियो…अमेरिका की चुप्पी बरकरार

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तेहरान/वॉशिंगटन। Iran और United States के बीच जारी तनाव के बीच ईरान ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने इस्फहान क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मिशन के दौरान चार एयरक्राफ्ट मार गिराए हैं। इस दावे के समर्थन में ईरान की ओर से कथित मलबे की तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए गए हैं, हालांकि अमेरिकी पक्ष ने इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

ईरान की सेना की प्रमुख इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) के मुताबिक, यह कार्रवाई इस्फहान के दक्षिणी इलाके में की गई, जहां अमेरिकी बल एक डाउन हुए पायलट को बचाने के लिए ऑपरेशन चला रहे थे। आईआरजीसी ने दावा किया है कि इसी दौरान दो UH-60 Black Hawk हेलिकॉप्टर और दो C-130 Hercules विमान को निशाना बनाकर मार गिराया गया।

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ईरानी मीडिया ने पहले एक विमान गिराने की बात कही थी, लेकिन अब आधिकारिक तौर पर चार एयरक्राफ्ट तबाह करने का दावा किया जा रहा है। वहीं, ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कथित मलबे की तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें विमान के अवशेष दिखाई दे रहे हैं।

ईरान ने यह भी कहा है कि उसने इस्फहान प्रांत में दो MQ-9 Reaper ड्रोन और एक Hermes 900 ड्रोन को भी मार गिराया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उनके क्षेत्र में कई विदेशी विमानों को निशाना बनाया गया है।

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हालांकि, इन दावों के बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अलग तस्वीर भी सामने आई है। The New York Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में फंसे अमेरिकी एयरमैन और कमांडो को निकालने के दौरान दो ट्रांसपोर्ट विमान तकनीकी कारणों से वहीं रह गए थे। बाद में अमेरिकी सेना ने उनकी संवेदनशील तकनीक दुश्मन के हाथ लगने से रोकने के लिए उन्हें खुद ही नष्ट कर दिया।

इसी बीच, अमेरिकी खुफिया एजेंसी Central Intelligence Agency की एक रणनीति भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, लापता क्रू सदस्य को सुरक्षित निकालने के लिए सीआईए ने ईरान के भीतर एक ‘डिसेप्शन कैंपेन’ चलाया। इसके तहत जानबूझकर यह अफवाह फैलाई गई कि लापता वायुसैनिक को पहले ही खोज लिया गया है और उसे जमीनी रास्ते से बाहर निकाला जा रहा है, ताकि ईरानी बलों का ध्यान भटकाया जा सके।

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फिलहाल, ईरान के दावों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ता तनाव आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकता है।

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