कराकास। वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत एवं बचाव अभियान में जुटी भारतीय सेना ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए मलबे में फंसी 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान बचाई है। ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ के तहत तैनात भारतीय सेना के फील्ड हॉस्पिटल ने गंभीर रूप से घायल महिला को तत्काल जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराया, जिससे उसकी जान बच सकी। इस मानवीय कार्य की वेनेजुएला में व्यापक सराहना हो रही है।
भारतीय सेना के अनुसार, बुजुर्ग महिला कई दिनों तक मलबे के नीचे फंसी रही थी। उसे सुरक्षित बाहर निकालने के बाद तुरंत भारतीय सेना के फील्ड हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। महिला के पैर में फ्रैक्चर था और वह पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (Peripheral Arterial Disease) से भी पीड़ित थी। मलबे में लंबे समय तक फंसे रहने के कारण उसके पैर में गंभीर आर्टरी अल्सर और असहनीय दर्द की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत स्थिर की जा सकी।
भारत की मानवीय सहायता की सराहना
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो साझा किए, जिनमें वेनेजुएला के परिवार भारतीय सेना के फील्ड हॉस्पिटल में मिल रही चिकित्सा सेवाओं के लिए भारत का आभार व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत वेनेजुएला के लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत 24 घंटे सेवाएं
भूकंप प्रभावितों की सहायता के लिए भारत ने ऑपरेशन अमिस्ताद शुरू किया है। इसके तहत भारतीय सेना की 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल इकाई को दो भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों के जरिए वेनेजुएला भेजा गया। राहत सामग्री, दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और फील्ड हॉस्पिटल के साथ भारतीय दल प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे मुफ्त चिकित्सा सेवाएं दे रहा है।
भूकंप से भारी तबाही
पिछले सप्ताह वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचाई है। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है तथा मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। विभिन्न एजेंसियों के अनुसार हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त या पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय संकट गहरा गया है।

