दोहा। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष कूटनीतिक वार्ता में सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले हैं। कतर के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी दी कि कतर ने अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं, जिनमें 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।
कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि यह वार्ता लेक ल्यूसर्न शिखर सम्मेलन के निष्कर्षों के आधार पर आगे बढ़ाई गई। उन्होंने कहा कि बातचीत का अगला दौर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता की अंतिम यात्रा के बाद जारी रहेगा।
6 अरब डॉलर की राशि और मानवीय सहायता पर भी चर्चा
ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम ग़रीबाबादी ने बताया कि दोहा बैठक में लेबनान से जुड़े मामलों में अमेरिका द्वारा कथित तौर पर अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करने का मुद्दा भी उठाया गया।
उन्होंने कहा कि कतर के अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में 6 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि के एक हिस्से के उपयोग पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि ईरान की घोषित मानवीय जरूरतों के आधार पर आवश्यक वस्तुओं की खरीद कर उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा।
पूर्व सर्वोच्च नेता की अंतिम यात्रा के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, देश के पूर्व सर्वोच्च नेता की अंतिम यात्रा 4 से 9 जुलाई के बीच ईरान और इराक के विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाएगी। इसके बाद कूटनीतिक वार्ता का अगला चरण शुरू होने की संभावना है।
ट्रंप का दावा- परमाणु वार्ता सही दिशा में
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। नॉर्थ डकोटा में नव-निर्मित थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के दौरे पर रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि हालिया घटनाक्रम के बाद ईरान का रुख बदला है और परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में प्रगति हो रही है।
उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का रुख पहले की तरह स्पष्ट है और ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यक होने पर हर जरूरी कदम उठाएगा।
क्षेत्रीय स्थिरता पर टिकी दुनिया की नजर
दोहा में जारी कूटनीतिक प्रयासों को मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। यदि दोनों पक्ष 14 सूत्रीय समझौते पर सहमति बनाने में सफल होते हैं तो इससे क्षेत्रीय स्थिरता के साथ-साथ परमाणु विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं। हालांकि अंतिम परिणाम आगामी दौर की वार्ताओं पर निर्भर करेगा।

