उत्तराखंड के इस जिले में अपात्र राशन कार्डधारकों पर गिरी गाज, एक हजार यूनिटें निरस्त

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उत्तरकाशी। जनपद में सरकारी सस्ते गल्ले से गलत तरीके से राशन का लाभ उठा रहे उपभोक्ताओं के खिलाफ खाद्य आपूर्ति विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राइटफुल टारगेटिंग और ई-केवाईसी अभियान के तहत करीब एक हजार उपभोक्ताओं की यूनिटों को राशन कार्डों से हटाया गया है।

जिला खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राइटफुल टारगेटिंग और ई-केवाईसी का सत्यापन कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस दौरान आयकर व जीएसटी भरने वाले, मृतक, डुप्लीकेट और पिछले छह माह से राशन न लेने वाले उपभोक्ताओं की पहचान की गई।

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शासन स्तर से मिले डेटा के आधार पर विभाग ने ई-केवाईसी के जरिए सत्यापन किया, जिसमें बड़ी संख्या में अपात्र उपभोक्ता सामने आए। इसके बाद ऐसे उपभोक्ताओं की यूनिटों को उनके राशन कार्डों से निरस्त कर दिया गया। जिन मामलों में परिवार का मुखिया अपात्रता के दायरे में आया, वहां पहले मुखिया परिवर्तन की प्रक्रिया भी पूरी की गई।

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जिला पूर्ति अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि विभाग को करीब 2900 उपभोक्ताओं के आयकर और जीएसटी भरने से संबंधित जानकारी प्राप्त हुई थी। जांच के बाद लगभग एक हजार उपभोक्ताओं की यूनिटों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी उपभोक्ता को निरस्तीकरण पर आपत्ति है और वह सही तथ्य व दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो मामले पर पुनर्विचार किया जाएगा।

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उन्होंने यह भी बताया कि शासन से 45 हजार उपभोक्ताओं का अतिरिक्त डेटा प्राप्त हुआ है, जिस पर सत्यापन की प्रक्रिया आगामी चरण में शुरू की जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राशन का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लोगों तक ही पहुंचे।

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