हल्द्वानी। छात्रों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित नियम विरुद्ध कोचिंग सेंटरों पर बड़ी कार्रवाई की। संयुक्त जांच अभियान के दौरान दमकल विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) नहीं मिलने पर पांच कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद उत्तराखंड में भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में हल्द्वानी में लगातार दूसरे चरण की कार्रवाई की गई। इससे पहले भी स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग संयुक्त अभियान चलाकर सात कोचिंग सेंटरों को सील कर चुके हैं।
शनिवार देर शाम प्राधिकरण सचिव मनीष कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी और फायर स्टेशन अधिकारी (एफएसओ) मिंदर पाल सिंह के नेतृत्व में टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में संचालित कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान फायर सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज, भवन की सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक मानकों की पड़ताल की गई।
जांच में पाया गया कि मुखानी स्थित विजन फ्यूचर कोचिंग सेंटर, कुमाऊं डिफेंस कोचिंग सेंटर, पाई स्क्वायर, पनचक्की रोड स्थित विजन फ्यूचर तथा लालडांठ स्थित कृष्णा आईएएस एवं डिफेंस एकेडमी के पास दमकल विभाग का वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं था। इसके बाद प्रशासन ने इन सभी संस्थानों को सील कर दिया।
हालांकि, लोहरियासाल स्थित अन-एकेडमी के प्रबंधन ने जांच टीम को दमकल विभाग की वैध एनओसी प्रस्तुत की, जिसके चलते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कोचिंग संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। जिन संस्थानों के पास आवश्यक अनुमति और सुरक्षा प्रमाणपत्र नहीं होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने शहर के सभी कोचिंग संचालकों से अपील की है कि वे समय रहते फायर एनओसी सहित सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर लें और भवनों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करें। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

