नैनीताल। हल्द्वानी के चर्चित बनभूलपुरा कांड में मुख्य साजिशकर्ता अब्दुल मलिक को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने मलिक को दर्ज तीनों मुकदमों में जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में हुई। इससे पूर्व अदालत ने राज्य सरकार और बचाव पक्ष से मलिक पर दर्ज मुकदमों की वर्तमान स्थिति और अन्य मामलों की जानकारी मांगी थी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि जांच में मलिक के खिलाफ अन्य सात मामलों की भी जानकारी सामने आई है, जिनमें से कुछ में वह बरी हो चुके हैं, जबकि कुछ मामलों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। पर्याप्त पुष्टि न होने के आधार पर अदालत ने संबंधित दंगा मामलों में उन्हें जमानत देने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि बनभूलपुरा दंगे के दौरान मलिक के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें से एक में पहले ही जमानत मिल चुकी थी, जबकि शेष तीन मामलों में अब जमानत प्रदान की गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मलिक पर राजकीय भूमि पर अवैध कब्जा, कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भूमि हड़पने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और दंगे की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं। बताया गया कि नजूल भूमि पर अवैध निर्माण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर पथराव के बाद स्थिति दंगे में बदल गई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए और पांच लोगों की मौत भी हुई थी।
वहीं, बचाव पक्ष का कहना है कि मलिक को मामले में झूठा फंसाया गया है। उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में अब तक सौ से अधिक आरोपितों को जमानत मिल चुकी है।
