देहरादून। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में गेहूं खरीद के लक्ष्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करते हुए इसे 10 हजार कुन्टल से बढ़ाकर 5 लाख कुन्टल कर दिया है। आयुक्त एवं सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने इसे किसानों के लिए बड़ी राहत बताते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी पैरवी के चलते यह निर्णय संभव हो सका है।
उन्होंने बताया कि पहले कम लक्ष्य तय होने के कारण किसानों में असंतोष की स्थिति थी, लेकिन अब लक्ष्य बढ़ने से अधिकाधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिल सकेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आनंद स्वरूप ने जानकारी दी कि रबी विपणन सत्र 2026-27 का शुभारंभ 1 अप्रैल से हो चुका है। इस वर्ष खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गढ़वाल में 45 और कुमाऊं में 123 समेत कुल 168 राजकीय क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल सके।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुन्टल निर्धारित किया है, जिससे किसानों में सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने का उत्साह बढ़ा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य समयबद्ध तरीके से मिले और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।
अब तक स्मार्ट पीडीएस पोर्टल पर 1597 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जबकि 5852 कुन्टल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े सरकारी खरीद प्रणाली के प्रति किसानों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं।
सरकार द्वारा पंजीकरण, सत्यापन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया स्मार्ट पीडीएस पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो रही है और किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी उपज नजदीकी क्रय केंद्रों पर बेचकर एमएसपी का अधिकतम लाभ उठाएं।
