कुमाऊं में टैक्स चोरी का ‘स्मार्ट खेल’…सिस्टम से आगे शातिर ट्रांसपोर्टर, गांवों की लिंक रोड बनी नया सेफ कॉरिडोर

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सूत्रों के मुताबिक, टैक्स चोरी का माल ढोने वाले ट्रांसपोर्टर लगातार अपने व किराये के वाहनों की लोकेशन बदल रहे हैं। इतना ही नहीं, वे ऐसे चोर रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं जहां विभागीय नजर पहुंच ही नहीं पाती। नतीजा चेकपोस्ट और मुख्य सड़कों पर तैनात टीमें सिर्फ औपचारिकता निभाती नजर आ रही हैं।

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Udham Singh Nagar से लेकर हल्द्वानी तक फैला यह नेटवर्क अब इतना मजबूत हो चुका है कि इसमें कथित तौर पर कुछ बड़े व्यापारी भी शामिल हैं। ‘कच्चे माल’ यानी बिना बिल के सामान का खेल खुलेआम चल रहा है और ऐसे कारोबारी बिना किसी लेखा-जोखा के मुनाफा कमा रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को सीधा नुकसान हो रहा है।

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सबसे बड़ा खेल यूपी बॉर्डर से सटे गांवों में खेला जा रहा है, जहां की लिंक रोड अब ‘सुरक्षित रास्ते’ बन चुकी हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रक मुख्य हाईवे से बचते हुए इन्हीं रास्तों से निकल जाते हैं और विभागीय टीमें देखते रह जाती हैं। यहां हालात ऐसे हैं कि ‘तू डाल-डाल, मैं पात-पात’ अब कहावत नहीं, हकीकत बन चुकी है।

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जब कभी विभाग सख्ती दिखाता है, तो ट्रांसपोर्टर तुरंत अपनी रणनीति बदल देते हैं। बड़े ट्रकों से माल बीच रास्ते में ही छोटे वाहनों में शिफ्ट कर दिया जाता है और सीधे बाजार तक पहुंचा दिया जाता है, जिससे पूरी सप्लाई चेन पकड़ से बाहर हो जाती है।

सवाल अब भी वही है क्या विभाग इस ‘स्मार्ट टैक्स चोरी नेटवर्क’ को तोड़ पाएगा या फिर सिस्टम के सामने यह खेल यूं ही चलता रहेगा?

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