सिंगापुर। सिंगापुर के चाइनाटाउन स्थित एक ज्वेलरी शोरूम से करीब 2 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग 1.3 करोड़ रुपये) मूल्य का हीरा चुराने की सुनियोजित साजिश रचने वाले दो भारतीय नागरिकों में से एक को अदालत ने दो साल, दो महीने और दो सप्ताह की जेल की सजा सुनाई है। 41 वर्षीय मंगरोलिया मनोजकुमार कुरजीभाई ने चोरी का दोष स्वीकार कर लिया, जिसके बाद अदालत ने उसे सजा सुनाई। वहीं, उसके साथी 30 वर्षीय सेरासिया मिलन रामनीकभाई के मामले में सुनवाई शुक्रवार को होगी।
अभियोजन के अनुसार, दोनों आरोपी एक साझा मित्र के माध्यम से मिले थे और सोशल पास पर सिंगापुर पहुंचे थे। जांच में सामने आया कि सिंगापुर आने से पहले दोनों ने गुजरात के सूरत में एक नकली हीरा तैयार कराया था। यह नकली हीरा असली हीरे के आकार और उसके सीरियल नंबर के अनुरूप बनाया गया था। हालांकि, अदालत के दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आरोपियों को असली हीरे की विस्तृत जानकारी कैसे मिली।
मुंह में छिपाकर किया हीरे की अदला-बदली का प्रयास
दोनों आरोपी 19 जून 2026 को सिंगापुर पहुंचे और सीधे चाइनाटाउन स्थित ‘डायनोचे’ नामक ज्वेलरी स्टोर पहुंचे। उनका निशाना 4.95 कैरेट का एक बहुमूल्य हीरा था।
योजना के तहत मंगरोलिया ने सेल्स मैनेजर को दुकान के अन्य आभूषण दिखाने के लिए कहकर उसका ध्यान भटकाया। इसी दौरान उसके साथी मिलन ने अपने मुंह में छिपाकर रखा नकली हीरा निकाला और असली हीरे से उसकी अदला-बदली कर दी। इसके बाद उसने असली हीरे को अपने मुंह में छिपा लिया। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई।
दुकान से निकलते ही शुरू हुई जांच
हीरे की अदला-बदली के बाद दोनों आरोपियों ने खरीदारी पर विचार करने की बात कहकर दुकान छोड़ दी। कुछ देर बाद जब सेल्स मैनेजर ने नियमित प्रक्रिया के तहत मशीन से हीरे की जांच की तो पता चला कि वह नकली है। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
इधर, दोनों आरोपी अपने होटल लौटे, तय समय से पहले चेक-आउट किया और भारत लौटने के लिए फ्लाइट बुक कर ली। लेकिन पुलिस पहले ही सक्रिय हो चुकी थी।
एयरपोर्ट पर धराए आरोपी
उसी रात करीब 8:50 बजे चांगी एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर इमिग्रेशन प्रक्रिया के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान असली हीरा मिलन रामनीकभाई के बैग से बरामद कर लिया गया, जिससे पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।
अदालत में क्या हुआ?
सरकारी वकील यिप चेंग यी ने अदालत में कहा कि यह कोई अचानक किया गया अपराध नहीं था, बल्कि पूरी तरह से पूर्व नियोजित अंतरराष्ट्रीय चोरी की साजिश थी। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपी केवल अपराध को अंजाम देने के उद्देश्य से सिंगापुर आए थे।
सजा सुनाए जाने से पहले मंगरोलिया ने दुभाषिए के माध्यम से अदालत से नरमी बरतने की अपील की। उसने कहा कि भारत में उसके दो छोटे बच्चे हैं और परिवार उसकी आय पर निर्भर है। हालांकि अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे दो साल, दो महीने और दो सप्ताह की जेल की सजा सुनाई।

