अमेरिका का परमाणु शक्ति प्रदर्शन: मिनुटमैन-III मिसाइल का परीक्षण, ईरान को सख्त संदेश

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नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका ने अपनी परमाणु क्षमता का प्रदर्शन करते हुए LGM-30G Minuteman III इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल परीक्षण किया है। युद्ध के छठे दिन हुए इस परीक्षण को ईरान के लिए कड़ा रणनीतिक संदेश माना जा रहा है। यह मिसाइल उन परमाणु हथियारों से कई गुना अधिक शक्तिशाली वारहेड ले जाने में सक्षम है, जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान Atomic bombings of Hiroshima and Nagasaki में इस्तेमाल किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंगलवार रात Vandenberg Space Force Base (कैलिफोर्निया) से United States Air Force Global Strike Command ने मिनुटमैन-III मिसाइल का परीक्षण किया। अमेरिकी स्पेस फोर्स के मुताबिक इस परीक्षण में दो टेस्ट री-एंट्री व्हीकल लगाए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि यह परीक्षण लंबे समय से चल रहे नियमित मूल्यांकन कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिका अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की लगातार जांच करता रहता है।

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बेहद तेज और लंबी मारक क्षमता

मिनुटमैन-III मिसाइल अमेरिका की रणनीतिक परमाणु रक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा है। इसकी मारक क्षमता लगभग 6,000 मील तक बताई जाती है और यह करीब 15,000 मील प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से उड़ सकती है। इतनी तेज गति के कारण यह कुछ ही मिनटों में दूसरे महाद्वीप तक पहुंचने में सक्षम है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार पिछले कई दशकों में इस श्रेणी की 300 से अधिक मिसाइलों का परीक्षण किया जा चुका है।

छठे दिन भी जारी है जंग

इधर अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष लगातार छठे दिन भी जारी है। अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा एक ईरानी युद्धपोत को डुबोने के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए Israel की ओर कई मिसाइलें दागीं। ईरान ने क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी है। वहीं अमेरिका और इजराइल ने भी ईरान के सुरक्षा ठिकानों और प्रशासनिक संस्थानों पर हमले तेज कर दिए हैं।

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लगातार बढ़ रहा है युद्ध का दायरा

हमलों की तीव्रता इतनी अधिक रही कि Islamic Republic of Iran Broadcasting को देश के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के लिए प्रस्तावित शोक समारोह को स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी। अमेरिका और इजराइल पहले ही ईरान के सैन्य नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बना चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में यह संघर्ष लंबे समय तक चल सकता है।

युद्ध रोकने के प्रस्ताव को भी ठुकराया

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने युद्ध मोर्चे पर अमेरिकी सेना के प्रदर्शन की सराहना की है। वहीं अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने के पक्ष में रुख दिखाते हुए युद्ध रोकने से जुड़ा प्रस्ताव खारिज कर दिया। इस बीच ईरान ने Bahrain, Kuwait और इजराइल पर हमले किए हैं, जबकि Turkey ने दावा किया कि नाटो की रक्षा प्रणाली ने ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल को उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया।

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हजारों लोग प्रभावित, तेल बाजार में उथल-पुथल

अधिकारियों के अनुसार इस संघर्ष में Iran में 1,000 से अधिक, Lebanon में 70 से ज्यादा और इजराइल में करीब 12 लोगों की मौत हो चुकी है। युद्ध के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। Strait of Hormuz और ओमान के समुद्री मार्गों से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसका असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है।

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