कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। प्रेम विवाह के नौ साल बाद पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवाद ने ऐसा खौफनाक मोड़ ले लिया कि पत्नी ने अपने ही पति पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल व्यापारी 11 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा, लेकिन आखिरकार उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस पूरी घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि वारदात के समय दंपती का छह वर्षीय बेटा भी मौके पर मौजूद था और उसने अपनी आंखों के सामने पिता को लहूलुहान होते देखा।
फीलखाना क्षेत्र स्थित बालाजी धाम अपार्टमेंट निवासी 42 वर्षीय मनीष गुप्ता अपने पिता रामकिशोर के साथ कपूर के कारोबार से जुड़े थे। वर्ष 2017 में उन्होंने प्रेम विवाह किया था। परिवार के अनुसार शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन पिछले करीब दो वर्षों से पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था।
परिजनों का आरोप है कि मनीष की पत्नी निहारिका की किसी पुरुष मित्र से लंबे समय तक फोन पर बातचीत होती थी, जिसका मनीष विरोध करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी और विवाद होता था। परिवार का दावा है कि कई बार मामला इतना बढ़ जाता था कि निहारिका पुलिस बुलाकर दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाने की धमकी देती थी।
विवाद के बाद हुआ खूनी हमला
परिजनों के मुताबिक पांच जून की दोपहर निहारिका अपने कमरे में फोन पर बात कर रही थी। उसी दौरान मनीष ने बातचीत को लेकर आपत्ति जताई। देखते ही देखते दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। कमरे में उस समय उनका छह वर्षीय बेटा रियांश भी मौजूद था।
आरोप है कि गुस्से में निहारिका रसोई में गई और वहां से चाकू उठाकर मनीष पर हमला कर दिया। चाकू के कई वार मनीष के पेट और कमर पर किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। कमरे में कुछ ही पलों में खून फैल गया और चीख-पुकार मच गई।
खून से लथपथ हालत में बेटे का हाथ पकड़कर थाने पहुंचा
हमले के बाद भी मनीष ने हिम्मत नहीं हारी। परिजनों के अनुसार वह एक हाथ से अपना खून रोकता रहा और दूसरे हाथ से अपने बेटे का हाथ पकड़कर करीब 500 मीटर दूर फीलखाना थाने पहुंच गया। रास्ते भर खून टपकता रहा।
थाने पहुंचकर उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी रही। इलाज के दौरान उसे हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 11 दिनों तक संघर्ष करने के बाद मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
बेटे की आंखों के सामने उजड़ गया परिवार
इस घटना का सबसे मार्मिक पक्ष छह वर्षीय रियांश है। पिता की मौत और मां की गिरफ्तारी से अनजान यह मासूम अब भी पूरी तरह स्थिति को समझ नहीं पा रहा है। परिजनों के अनुसार जब घर में मनीष के निधन पर मातम पसरा था, तब रियांश मोबाइल पर गेम खेलने में व्यस्त था।
परिजनों का कहना है कि पूछने पर बच्चा मासूमियत से बताता है कि उसकी मां किसी व्यक्ति से फोन पर बात कर रही थी, जिसके बाद माता-पिता में झगड़ा हुआ और फिर चाकू चल गया। घटना की भयावहता से अनजान यह बच्चा अब ऐसे भविष्य के मुहाने पर खड़ा है, जहां उसके सिर से पिता का साया उठ चुका है और मां जेल पहुंच चुकी है।
मां की आंखों में तैर रही बेटे की आखिरी तस्वीर
मनीष की मां मीरा देवी बेटे को याद करते हुए बार-बार भावुक हो जाती हैं। उनका कहना है कि वारदात के बाद जब वह अपार्टमेंट के नीचे पहुंचीं तो उन्होंने अपने बेटे को खून से लथपथ हालत में सीढ़ियां उतरते देखा। उस समय उसके मुंह से निकले शब्द थे—“मां, निहारिका ने मार दिया।”
मीरा देवी बताती हैं कि बेटे के ये आखिरी शब्द आज भी उनके कानों में गूंज रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेटे की जिद पर ही परिवार ने प्रेम विवाह को स्वीकार किया था, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि रिश्ता इतनी दुखद परिणति तक पहुंच जाएगा।
पुलिस कर रही जांच
मामले में मनीष की मौत के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिवार ने निहारिका के एक कथित पुरुष मित्र पर भी संदेह जताया है। परिजनों के अनुसार उसकी पहचान अंग्रेज सिंह नाम के व्यक्ति के रूप में बताई जा रही है। पुलिस कॉल डिटेल और सर्विलांस के जरिए मामले की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि वारदात के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें कोई भूमिका रही है।
फिलहाल इस घटना ने पूरे कानपुर को झकझोर कर रख दिया है। प्रेम विवाह से शुरू हुई एक कहानी का अंत हत्या, जेल और एक मासूम बच्चे की उजड़ी दुनिया के रूप में हुआ है।

