चमोली। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ सिख तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। कर्णप्रयाग बाजार में हुई इस घटना में कई लोग घायल हो गए, जबकि राजमार्ग पर करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लगने से हजारों यात्री घंटों फंसे रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 10 बजे चार से पांच सिख तीर्थयात्री कर्णप्रयाग बाजार पहुंचे थे। इसी दौरान एक होटल के बाहर वाहन पार्किंग को लेकर उनका होटल संचालक के बेटे से विवाद हो गया। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच केवल कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कुछ तीर्थयात्रियों ने धारदार हथियार निकाल लिए और 24 वर्षीय युवक पर हमला कर दिया। हमले में युवक के सिर, हाथ और कमर पर गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे और माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प शुरू हो गई। इस दौरान चार स्थानीय लोग भी घायल हो गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने एक तीर्थयात्री को पकड़ लिया, जबकि उसके अन्य साथी मौके से भाग निकले। बाद में पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कुछ संदिग्धों को गौचर क्षेत्र में रोके जाने की जानकारी सामने आई।
घटना में गंभीर रूप से घायल युवक को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए एयरलिफ्ट कर देहरादून रेफर किया गया।
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस चौकी परिसर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया और बदरीनाथ हाईवे पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बताया जा रहा है कि जाम लगभग 15 किलोमीटर तक फैल गया, जिससे बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर निकले हजारों श्रद्धालु रास्ते में फंस गए।
स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से आगे जाने वाले यात्रियों को विभिन्न स्थानों पर रोक दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर करीब ढाई बजे जाम खुल सका और यातायात सामान्य होना शुरू हुआ।
कर्णप्रयाग के प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल ने बताया कि स्थानीय लोगों को समझाकर जाम खुलवा दिया गया है। बदरीनाथ यात्रा फिर से सुचारु रूप से संचालित की जा रही है और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
घटना के बाद स्थानीय व्यापार मंडल और नागरिक संगठनों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्गों पर हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। साथ ही घटना में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
व्यापारियों का कहना है कि यात्रा मार्गों और राज्य की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति हथियार लेकर देवभूमि में प्रवेश न कर सके। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटना से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

