Uttarakhand: निशानेबाज जसपाल राणा के निधन के सदमे से नहीं उबर पाईं मां, श्यामा देवी राणा का भी निधन

खबर शेयर करें

नई दिल्ली/देहरादून। भारतीय निशानेबाजी जगत और उत्तराखंड के लिए यह बेहद दुखद समय है। देश के महान निशानेबाज और भारतीय पिस्टल शूटिंग टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच जसपाल राणा के निधन के महज चार दिन बाद उनकी मां श्यामा देवी राणा का भी निधन हो गया। बेटे को खोने का गहरा सदमा वह सहन नहीं कर सकीं और दिल्ली के एक आर्मी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

78 वर्षीय श्यामा देवी राणा, द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित नारायण सिंह राणा की धर्मपत्नी थीं। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं और नई दिल्ली के अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। परिजनों के अनुसार 12 जून को जसपाल राणा के निधन के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: राशनकार्ड धारकों को बड़ी राहत...दिसंबर–जनवरी का छूटा राशन अब फरवरी में मिलेगा

श्यामा देवी राणा के निधन से पहले ही राणा परिवार अपने होनहार बेटे को खोने के दुख से जूझ रहा था। अब मां के निधन ने परिवार पर दुखों का एक और पहाड़ तोड़ दिया है। इस खबर के बाद उत्तराखंड समेत पूरे देश के खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

टिहरी जिले के चिलामू गांव से ताल्लुक रखने वाले जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से लौटने के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत होने पर दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्टेंट सर्जरी भी हुई थी। बताया जा रहा था कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है, लेकिन अचानक उनके निधन की खबर ने खेल प्रेमियों को स्तब्ध कर दिया।

यह भी पढ़ें 👉  Nainital: ईद-उल-जुहा अवकाश के चलते कुमाऊं विश्वविद्यालय की 28 मई की परीक्षाएं स्थगित

जसपाल राणा ने बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। महज 18 वर्ष की आयु में विश्व रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में उन्होंने भारत को कई पदक दिलाए और देश का गौरव बढ़ाया। खिलाड़ी के रूप में शानदार उपलब्धियों के बाद उन्होंने कोच की भूमिका में भी भारतीय निशानेबाजी को नई दिशा देने का काम किया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: मंत्री के पति के बयान से फिर घिरी बीजेपी, वायरल वीडियो पर माफी के साथ दी सफाई

उत्तराखंड के एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले जसपाल राणा युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक रहे। उनके निधन के बाद अब उनकी मां श्यामा देवी राणा के चले जाने से पूरा प्रदेश भावुक है। राजनीतिक, सामाजिक और खेल जगत की कई हस्तियों ने राणा परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page