बांग्लादेश में एक और हिंदू पर हमला: उग्र भीड़ ने खोकोन दास को जिंदा जलाया, चौथी बड़ी घटना से दहशत

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ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला शरीयतपुर जिले से सामने आया है, जहां उग्र भीड़ ने एक हिंदू व्यक्ति खोकोन दास पर हमला कर उसे जिंदा जला दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना में 50 वर्षीय खोकोन दास की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से इलाके में भय और तनाव का माहौल है।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खोकोन दास घर लौट रहे थे, तभी अचानक भीड़ ने उन्हें घेर लिया। पहले उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, फिर बेरहमी से पीटा गया और अंत में उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। हमले की क्रूरता ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

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कुछ ही दिनों में चौथा बड़ा हमला

बताया जा रहा है कि बीते कुछ दिनों में हिंदू समुदाय पर यह चौथा बड़ा हमला है। इससे पहले सोमवार को बेजेंद्र बिस्वास नामक एक हिंदू युवक को उसके ही सहकर्मी ने गोली मार दी थी। वहीं 24 दिसंबर को कालीमोहर संघ के हुसैनडांगा इलाके में 29 वर्षीय अमृत मंडल की कथित तौर पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

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ईशनिंदा के आरोप में युवक की हत्या

इससे पहले 18 दिसंबर को मयमनसिंह के भालुका इलाके में 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास की उग्र भीड़ ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। आरोप है कि एक मुस्लिम सहकर्मी ने उस पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाया था। इसके बाद भीड़ ने उसकी हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया और आग लगा दी।

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मानवाधिकार संगठनों की बढ़ती चिंता

लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इन हमलों पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं।

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