विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना हादसा: टनल में लोको वैगन टक्कर मामले में चालक बर्खास्त, जांच जारी

खबर शेयर करें

देहरादून। टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में हुए लोको वैगन टक्कर हादसे को गंभीरता से लेते हुए एक लोको वैगन के चालक को बर्खास्त कर दिया गया है। मामले में सुपरवाइजर की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जबकि सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा शुरू कर दी गई है।

गुरुवार को टीएचडीसी के कार्यपालक निदेशक कुमार शरद ने मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पीपलकोटी परियोजना की टीबीएम टनल में मजदूरों को कार्यस्थल तक पहुंचाने के लिए लोको वैगन का उपयोग किया जाता है। मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे एक लोको वैगन टनल के बाहर से रात्रि शिफ्ट के 81 मजदूरों को लेकर अंदर जा रही थी। इसी दौरान वह टनल में पहले से खड़ी एक लोको वैगन से टकरा गई।

यह भी पढ़ें 👉  राशिफल 26 फरवरी 2026

ब्रेक फेल होने की आशंका

प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि टनल में खड़ी लोको वैगन का ब्रेक फेल हो गया था, जिससे वह अपने स्थान से खिसक गई और मजदूरों को लेकर आ रही लोको वैगन उससे टकरा गई। जांच में यह भी पता चला है कि खड़ी लोको वैगन का चालक मौके पर मौजूद नहीं था, जिस पर कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  राष्ट्रपति के दौरे को लेकर नैनीताल में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम, एडीजी अपराध ने की ब्रीफिंग...पुलिस को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश

घायलों का उपचार जारी

हादसे के बाद तत्काल दूसरी लोको वैगन मंगाकर घायलों को टनल से बाहर निकाला गया और जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया। 81 घायलों में से 76 मजदूरों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि पांच का उपचार चल रहा है, जिन्हें भी शीघ्र छुट्टी मिलने की संभावना है। टीएचडीसी ने स्पष्ट किया है कि उपचार से जुड़ा पूरा खर्च कंपनी वहन करेगी।

जांच में देरी पर उठे सवाल

हादसे के तीन दिन बाद भी टीएचडीसी की प्राथमिक जांच पूरी नहीं हो पाई है। घटना के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति अब भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  प्रयागराज: महाकुंभ मेला क्षेत्र में फिर लगी आग, कई पंडाल जलकर राख...देखें VIDEO

परियोजना कार्य प्रभावित नहीं

कार्यपालक निदेशक कुमार शरद ने बताया कि इस घटना का परियोजना की प्रगति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 444 मेगावाट क्षमता की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना को वर्ष 2011 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2014 में शुरू हुआ। परियोजना चार यूनिटों में पूरी होनी है, जिसमें पहली यूनिट को मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक परियोजना का 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page