मां अम्बे इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज के आयोजन में अतिथियों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह, खेल भावना और अनुशासन का दिया संदेश
अल्मोड़ा। मां अम्बे इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में आयोजित उत्कर्ष-2026 के पांचवें दिन सिमकनी मैदान में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। खो-खो, बैडमिंटन और वॉलीबॉल के मुकाबलों में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मैदान में दिनभर खिलाड़ियों का जोश और दर्शकों की तालियां गूंजती रहीं।
प्रतियोगिता के दौरान खो-खो में खिलाड़ियों की फुर्ती, बैडमिंटन में शानदार शॉट्स और वॉलीबॉल में टीमों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। खिलाड़ियों ने अनुशासन और खेल भावना के साथ मुकाबलों में हिस्सा लिया। साथियों और दर्शकों ने तालियों के साथ प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट स्तर के राज्य मंत्री बिट्टू कर्नाटक, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष किरण पंत, फुटबॉल एसोसिएशन अल्मोड़ा के अध्यक्ष हरीश कनवाल और ग्रामसभा लाट के ग्राम प्रधान विनोद लटवाल ने पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान संस्थान के चेयरमैन ठाकुर संदीप सिंह और वाइस चेयरपर्सन डॉ. प्रीति पाल भी मौजूद रहे।
पूर्व राज्य मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि उत्कर्ष-2026 जैसे आयोजन विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ खेल के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं। खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने शिक्षा के साथ खेलकूद और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने के लिए संस्थान के प्रयासों की सराहना की।
संस्थान के चेयरमैन ठाकुर संदीप सिंह और वाइस चेयरपर्सन डॉ. प्रीति पाल ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि प्रतियोगिताओं में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण पूरे उत्साह, सकारात्मक सोच और खेल भावना के साथ भाग लेना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन और टीम भावना बनाए रखने का आह्वान किया।
उत्कर्ष-2026 के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक, रचनात्मक और खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल रहा है। आयोजन के पांचवें दिन की प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, आत्मविश्वास और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया।

