एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन बने भारतीय नौसेना के नए प्रमुख, कहा- राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर समय तैयार रहेगी नौसेना

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नई दिल्ली। भारतीय नौसेना को नया नेतृत्व मिल गया है। Admiral Krishna Swaminathan ने शनिवार को भारतीय नौसेना के 27वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्हें साउथ ब्लॉक परिसर में औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। वहीं निवर्तमान नौसेना प्रमुख Admiral Dinesh Kumar Tripathi ने सेवानिवृत्ति से पहले National War Memorial पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली के विशेषज्ञ माने जाने वाले स्वामीनाथन ने National Defence Academy से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके अलावा उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, करंजा स्थित कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर और अमेरिका के न्यूपोर्ट नेवल वॉर कॉलेज से उच्च सैन्य शिक्षा हासिल की है।

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कार्यभार संभालने के बाद एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि वह गर्व और जिम्मेदारी की भावना के साथ यह दायित्व स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस पद के लिए चुना जाना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय नौसेना राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर समय पूरी तरह सतर्क और तैयार रहेगी।

नए नौसेना प्रमुख ने कहा कि वर्तमान समय में क्षेत्रीय सुरक्षा का माहौल बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैयारी और युद्ध क्षमता को और मजबूत बनाना होगी। उनका मानना है कि मजबूत और आधुनिक नौसेना ही देश की समुद्री सीमाओं और आर्थिक हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।

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उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना पहले से ही आधुनिकीकरण के मजबूत रास्ते पर आगे बढ़ रही है। उनका प्रयास होगा कि चल रही सभी परियोजनाओं को गति दी जाए और नई तकनीकों को तेजी से नौसेना में शामिल किया जाए। इसके साथ ही संयुक्त सैन्य संचालन, आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए स्वदेशी तकनीकों और उपकरणों के उपयोग को और बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने नौसेना के अधिकारियों और जवानों को संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि उनके कल्याण, प्रशिक्षण और पेशेवर विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित एडमिरल स्वामीनाथन ने अपने लंबे सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने INS Vidyut, INS Vinash, INS Kulish, INS Mysore और INS Vikramaditya जैसे प्रमुख युद्धपोतों की कमान भी संभाली है।

अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के योगदान को भी याद किया और कहा कि उनके नेतृत्व में नौसेना ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने कहा कि वह अपने कार्यकाल का हर दिन भारतीय नौसेना को और अधिक आधुनिक, आत्मनिर्भर और प्रभावशाली बनाने के लिए समर्पित करेंगे।

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