12 अक्टूबर तक मौसम में बदलाव के आसार, आठ जिलों में आज तेज हवाओं और गर्जन का येलो अलर्ट
देहरादून। उत्तराखंड में पोस्ट मानसून बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। आने वाले दिनों में पहाड़ों में बारिश का दौर तेज होने के साथ तापमान में गिरावट आने की संभावना है। 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। मौसम में बदलाव का असर मैदानी इलाकों में भी दिखाई देगा और सुबह-शाम ठंड बढ़ने के आसार हैं। यानी इस बार अक्तूबर में ही मौसम गुलाबी ठंड से आगे बढ़कर सर्दी का अहसास कराने लग सकता है।
12 अक्टूबर तक सक्रिय रहेगा बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, 12 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के तेज दौर देखने को मिल सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ तापमान तेजी से गिरने से ठंड का असर बढ़ सकता है।
पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के इस बदलाव का असर मैदानी इलाकों तक पहुंचने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट के चलते सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ सकती है।
आठ जिलों में तेज हवाओं का येलो अलर्ट
सात अक्टूबर को देहरादून समेत अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के कुछ हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इन जिलों में गर्जन के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।
4200 मीटर से ऊपर बर्फबारी
ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी होने की संभावना है।
बर्फबारी शुरू होने के साथ इन इलाकों में तापमान तेजी से नीचे जाने के आसार हैं। इसका असर आसपास के निचले पर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में भी महसूस किया जा सकता है।
गुलाबी ठंड का इंतजार खत्म?
अक्टूबर की शुरुआत में आमतौर पर मौसम में हल्की ठंडक महसूस होने लगती है, लेकिन इस बार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संभावित बर्फबारी के चलते मौसम का मिजाज कुछ अलग रहने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में तापमान गिरा तो अक्टूबर में ही लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगेगी।

