नैनीताल: जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में आईडीएसपी, नियमित प्रतिरक्षण, टीबी, संचारी एवं गैर-संचारी रोग, जलजनित रोग, पीसीपीएनडीटी तथा जननी-शिशु स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यक्रम की स्थिति पर चर्चा की गई। सीएमओ ने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
32 डिलीवरी प्वाइंट को पूरी तरह सक्षम बनाने पर जोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे लाइन डिपार्टमेंट के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर अपने-अपने विकासखंडों में माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य करें। लक्षित समूहों को चिन्हित कर उन्हें योजनाबद्ध तरीके से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने होम डिलीवरी में कमी लाने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। सीएमओ ने कहा कि जनपद के सभी 32 डिलीवरी प्वाइंट को पूर्ण रूप से सक्षम बनाने की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए।
यदि किसी स्वास्थ्य इकाई में मानव संसाधन, उपकरण, दवाइयों या अन्य संसाधनों की कमी है तो उसकी तत्काल कार्ययोजना तैयार कर जनपद स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आवश्यक संसाधन समय पर मुहैया कराए जा सकें।
समय पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग के निर्देश
सर्विलांस कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान सीएमओ ने सभी संबंधित अधिकारियों को पोर्टल और ऑनलाइन एंट्री समय से अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सही और समयबद्ध रिपोर्टिंग से बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर की जा सकती है, जिससे आवश्यक नियंत्रणात्मक कार्रवाई भी तत्काल सुनिश्चित की जा सके।
लापरवाही मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम की नियमित और सख्त समीक्षा की जाएगी। स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण भी किया जाएगा। कार्यों में लापरवाही या निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय, प्रभावी निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए।

