देहरादून। उत्तराखंड में आज से ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार की नई विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (वीबी जी राम जी) प्रदेश में बुधवार से लागू कर दी जाएगी। यह योजना अब तक संचालित मनरेगा के स्थान पर लागू होगी और इसके तहत ग्रामीण श्रमिकों को पहले की तुलना में अधिक अवसर मिलेंगे। नई व्यवस्था में श्रमिकों को वर्षभर में 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
राज्य सरकार ने मंगलवार को इस संबंध में गजट अधिसूचना जारी कर दी है। इससे पहले केंद्र सरकार ने 11 मई को योजना लागू करने के निर्देश जारी किए थे। अब उत्तराखंड उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां यह नई योजना प्रभावी रूप से लागू की जा रही है।
318 तरह के कार्यों में मिलेगा रोजगार
नई योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों से 318 प्रकार के कार्य कराए जा सकेंगे, जिससे रोजगार के अवसरों का दायरा काफी बढ़ जाएगा।
योजना के अंतर्गत प्रमुख कार्य इस प्रकार होंगे—
- 97 कार्य मरम्मत और रखरखाव (रिपेयर एंड मेंटेनेंस) से जुड़े होंगे।
- 88 कार्य ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास से संबंधित होंगे, जिनमें 52 नए निर्माण और 36 पुनर्निर्माण के कार्य शामिल हैं।
- 37 प्रकार के कार्य आपदा राहत एवं पुनर्वास से जुड़े होंगे।
- 86 कार्य ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जाएंगे।
- 107 प्रकार के कार्य जल संरक्षण और जल संसाधन विकास से संबंधित होंगे।
आपदा और जल संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
नई योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल रोजगार उपलब्ध कराने पर ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी विशेष जोर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होने के साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों को भी गति मिलेगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
प्रदेश सरकार का मानना है कि विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ग्रामीण परिवारों को अधिक दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति देगी। योजना के लागू होने से जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आजीविका से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

