Uttarakhand: केदारनाथ हेली सेवा पर कड़ी सख्ती, सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद उड़ान पर रोक

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देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेली सेवाओं पर इस वर्ष विशेष सतर्कता और कड़े नियम लागू किए जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के निर्देशों के अनुसार सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद किसी भी हेलिकॉप्टर उड़ान की अनुमति नहीं होगी। खराब मौसम की स्थिति में हेली सेवा का संचालन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। बीते वर्ष केदारनाथ घाटी और उत्तरकाशी में हुए हेलिकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।

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Strict Norms and Monitoring for Kedarnath Helicopter Services During Char Dham Yatra: पर्वतीय क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अचानक बदलने वाले मौसम के कारण हेलिकॉप्टर संचालन अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है। चारधाम यात्रा के दौरान विशेषकर केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा की भारी मांग रहती है।

बीते वर्ष 15 जून 2025 को केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा हेलिकॉप्टर गौरी माई खर्क क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले 8 मई 2025 को उत्तरकाशी के गंगनानी में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में छह लोगों की जान चली गई थी। इसके अतिरिक्त 17 मई 2025 को केदारनाथ धाम के समीप एक हेली एंबुलेंस भी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी।

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लगातार हुई इन घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने हेलिकॉप्टर सेवाओं के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को सख्ती से लागू किया है। डीजीसीए के अनुसार केदारनाथ घाटी में हेली उड़ानों की संख्या में लगभग 30 प्रतिशत की कटौती की गई है। साथ ही केवल उन्हीं पायलटों की तैनाती की जाएगी, जिन्हें उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उड़ान का पर्याप्त अनुभव हो। मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर उड़ानों को तत्काल रोका जाएगा।

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उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि सुरक्षित हेली सेवा संचालन के लिए बीते वर्ष लागू एसओपी इस बार भी प्रभावी रहेगी। हेली सेवाओं के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी और नियमों के अनुपालन को लेकर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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