बरेली से बस्ती और फिर नेपाल पहुंचने की जानकारी, छह से अधिक ठिकानों पर छापेमारी, करीबी युवती से भी पूछताछ, कंपनियों और संपत्तियों के रिकॉर्ड खंगाल रही टीम
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की तलाश में जुटी एसआईटी अब उनके करीबियों पर शिकंजा कस रही है। गिरधारी की फरारी के बीच जांच टीम ने उनके करीबी सतेंद्र राठौर की तलाश तेज कर दी है। एसआईटी को उम्मीद है कि सतेंद्र तक पहुंचने से गिरधारी के ठिकानों, संपर्कों और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं। इस मामले में पुलिस गिरधारी की एक करीबी युवती से भी पूछताछ कर चुकी है।
जांच में सामने आया है कि गिरधारी लाल साहू बरेली से निकलकर उत्तर प्रदेश के बस्ती पहुंचे और इसके बाद सनौली बॉर्डर के रास्ते नेपाल में प्रवेश कर गए। उनकी तलाश में एसआईटी छह से अधिक संभावित ठिकानों पर दबिश दे चुकी है, लेकिन अब तक उनका पता नहीं चल पाया है। ऐसे में पुलिस ने अब उनके संपर्क में रहे लोगों की भूमिका और गतिविधियों की पड़ताल तेज कर दी है।
करीबी सतेंद्र के पास हो सकते हैं अहम राज
एसआईटी जांच में अब सतेंद्र राठौर का नाम महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सतेंद्र को गिरधारी का करीबी माना जाता है और उसे उनकी कंपनियों के रिकॉर्ड तथा संपत्तियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां हैं। एसआईटी अब उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। माना जा रहा है कि सतेंद्र से पूछताछ के बाद गिरधारी की फरारी और उनके कारोबारी नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
कथित ऑडियो की फॉरेंसिक जांच, पांच लोगों के बयान दर्ज
रेखा आर्या की शिकायत पर 15 अक्तूबर को कैंट थाने में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें मारपीट, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, धोखाधड़ी और दस्तावेजों में कथित जालसाजी समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मंत्री ने एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप भी लगाया है। एसआईटी इस ऑडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज चुकी है।
एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में गठित एसआईटी अब तक पांच लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। कुछ करीबियों को देहरादून बुलाकर भी पूछताछ की गई है। टीम बरेली और अन्य स्थानों से जुटाए गए दस्तावेजों तथा बयानों का मिलान कर रही है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के मुताबिक, मामले की जांच जारी है। कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं और आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। फिलहाल एसआईटी की जांच गिरधारी के संपर्कों, करीबियों की भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की तथ्यात्मक पुष्टि पर केंद्रित है।

