काशीपुर (ऊधम सिंह नगर)। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की आपत्ति के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार को अपनी जनसंवाद यात्रा पर निकल पड़े। जसपुर से रामनगर जाते समय भारी काफिले के साथ काशीपुर पहुंचे हरदा ने नवीन अनाज मंडी स्थित विश्राम गृह में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने धामी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस को जनता के संकेत समझते हुए बदलाव की रफ्तार तेज करनी होगी।
हरीश रावत ने कहा कि 2027 में देहरादून और 2029 में दिल्ली में बदलाव आएगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी यात्रा से धामी सरकार घबरा रही है। यही वजह है कि काशीपुर का फ्लाईओवर पांच दिन के लिए बंद कर दिया गया और यात्रा मार्ग पर बुलडोजर लगाकर पुलिया का निर्माण शुरू करा दिया गया।
यात्रा मार्ग में आई बाधाओं पर तंज कसते हुए हरदा ने कहा कि इस तरह की व्यवस्थाओं से न तो वह डरने वाले हैं और न कांग्रेस कार्यकर्ता। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगली बार वह सरकार और स्थानीय पुलिस-प्रशासन को अपने कार्यक्रम की जानकारी नहीं देंगे, बल्कि चुपके से आएंगे।
बाजपुर रोड स्थित आरओबी के एक्सटेंशन ज्वाइंट की मरम्मत के चलते चार से आठ अक्टूबर तक यातायात प्रतिबंधित किया गया है। हरीश रावत ने इसे भी अपनी यात्रा से जोड़ते हुए चुटकी ली और कहा, “इस बार आरओबी खराब किया है, अगली बार घबराकर कहीं तोड़ न दें।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के बीच सक्रिय रहने और लोगों की भावनाओं को समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनता बदलाव का संकेत दे रही है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इस संकेत को राजनीतिक ताकत में बदलना होगा।
हालांकि, हरीश रावत के कार्यक्रम में कांग्रेस संगठन की अंदरूनी तस्वीर भी चर्चा में रही। महानगर अध्यक्ष अलका पाल समेत जिला कांग्रेस कार्यकारिणी के कई प्रमुख पदाधिकारी कार्यक्रम में नजर नहीं आए। ऐसे में एक तरफ हरदा सरकार पर हमलावर दिखे तो दूसरी तरफ उनकी अपनी पार्टी के भीतर की गैरमौजूदगी भी सियासी चर्चाओं को हवा दे गई।
कार्यक्रम में गोविंद कुंजवाल, प्रदीप टम्टा, ललित फर्शेवान, मनोज जोशी, मनोज तिवारी, आदेश चौहान, संदीप सहगल, हरीश कुमार सिंह और अर्पित मेहरोत्रा समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

