Uttarakhand: नकली दवाओं की फैक्ट्री का भंडाफोड़, नामी कंपनियों के नाम पर बन रही थीं दवाएं

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देहरादून। उत्तराखंड में नकली दवाओं के कारोबार पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून के ईस्ट होप टाउन क्षेत्र में संचालित एक कथित नकली दवा निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से तैयार की गई नकली दवाएं, पैकिंग सामग्री और निर्माण में प्रयुक्त मशीनें बरामद की गईं। मामले में अंतर्राज्यीय नेटवर्क की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग के साथ मिलकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में प्रदेशभर में नकली एवं अवैध दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के आदेश और अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के निर्देशन में की गई।

सूचना पर ईस्ट होप टाउन में मारा छापा

विभाग को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर बुधवार को ग्राम देवीपुर, ईस्ट होप टाउन (परवल) स्थित एक मकान में संयुक्त छापेमारी की गई। इस अभियान में उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग और स्थानीय पुलिस भी शामिल रही। जांच के दौरान परिसर से स्प्यूरियस (नकली) दवाओं का बड़ा जखीरा, पैकिंग सामग्री तथा दवा निर्माण में प्रयुक्त मशीनें बरामद हुईं।

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प्रारंभिक पूछताछ में मकान स्वामी ने बताया कि भवन के कुछ कमरे किराये पर दिए गए थे। विभाग अब किरायेदारों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रहा है।

नामी कंपनियों के नाम पर तैयार हो रही थीं दवाएं

छापेमारी के दौरान ईंटास, मैकलियोड्स और डॉ. रेड्डीज़ जैसी प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम से तैयार की गई नकली दवाएं बरामद हुईं। इनमें Gabapin-100, Zoryl M2 और Cefolac-200 सहित कई दवाएं शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की नकली दवाएं मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

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अन्य राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं तार

प्रारंभिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। इसी कारण उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग के साथ समन्वय बनाकर पूरे गिरोह की जांच की जा रही है। मामले में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मनेंद्र सिंह राणा और औषधि निरीक्षक विनोद जगूड़ी विधिक कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि संदिग्धों से पूछताछ जारी है।

ड्रग कंट्रोलरों की बैठक के बाद तेज हुआ अभियान

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि हाल ही में दमन एवं दीव में आयोजित देशभर के ड्रग कंट्रोलरों की बैठक में नकली दवाओं के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर सहमति बनी थी। उसी रणनीति के तहत विभिन्न राज्यों में सक्रिय गिरोहों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की जा रही है।

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जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : विनय शंकर पांडेय

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नकली दवाओं का कारोबार जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल नकली दवाओं की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इस अवैध कारोबार में शामिल पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा कि जनहित और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे।

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