Uttarakhand: धामी सरकार का ‘दायित्व दांव’…14 नेताओं को जिम्मेदारी देकर साधे संगठन के समीकरण

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देहरादून। धामी सरकार ने कैबिनेट विस्तार के बाद अब संगठनात्मक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से दायित्वों की प्रतीक्षा कर रहे नेताओं को साधते हुए शुक्रवार को 14 लोगों को विभिन्न आयोगों, परिषदों और समितियों में जिम्मेदारियां सौंप दी गईं। गृह एवं गोपन सचिव शैलेश बगौली की ओर से जारी आदेश के साथ ही यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गईं।

सरकार के इस फैसले को सियासी नजरिए से अहम माना जा रहा है। दायित्व वितरण में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। कुमाऊं और गढ़वाल दोनों मंडलों के नेताओं को शामिल कर संगठन में संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।

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देहरादून के कुलदीप सुटोला को राज्य स्तरीय खेल परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि नैनीताल के ध्रुव रौतेला को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। चंपावत की हरिप्रिया जोशी को राज्य महिला आयोग में स्थान मिला है। टिहरी के विनोद सुयाल को राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद में जिम्मेदारी दी गई है, वहीं चंपावत के मुकेश महराना को चाय विकास सलाहकार परिषद में शामिल किया गया है।

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इसके अलावा देहरादून की चारु कोठारी को राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद, चमोली के प्रेम सिंह राणा को जनजाति आयोग, टिहरी के खेम सिंह चौहान को ओबीसी कल्याण आयोग और सोना सजवाण को जड़ी-बूटी सलाहकार समिति में जिम्मेदारी दी गई है। अल्मोड़ा के गोविंद पिलखवाल को हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद, देहरादून के बलजीत सोनी को अल्पसंख्यक आयोग और काशीपुर की सीमा चौहान को मत्स्य विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वरिष्ठ भाजपा नेता भावना मेहरा और अशोक वर्मा को भी दायित्व सौंपकर संगठन में उनकी भूमिका को और मजबूत किया गया है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सभी नवनियुक्त दायित्वधारियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई है कि वे सरकार की योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाएंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह दायित्व वितरण सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संगठन को सक्रिय रखने और आगामी चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की रणनीति का हिस्सा है। सरकार ने इस कदम के जरिए साफ संकेत दे दिया है कि संगठन और सरकार के बीच तालमेल को और मजबूत किया जाएगा।

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