धामी कैबिनेट के बड़े फैसले : महिलाओं, युवाओं और पूर्व सैनिकों के लिए अलग रोजगार नीतियां, अपराध पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा को मंजूरी

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भराड़ीसैंण। बुधवार को सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रोजगार, स्वरोजगार और सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

बैठक में तय हुआ कि महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के लिए अलग-अलग रोजगार व स्वरोजगार नीति बनाई जाएगी। इनमें सरकारी व निजी संस्थानों में नौकरी, कौशल विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस व विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी। युवा महोत्सव और रोजगार मेलों का भी आयोजन होगा।

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स्वरोजगार के तहत मधुमक्खी पालन, एप्पल मिशन और बागवानी में हर ब्लॉक के 200 लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बाजार तक पहुंच के लिए कृषि विभाग का आईटीबीपी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ एमओयू कराया जाएगा।

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भूतपूर्व सैनिकों को उपनल के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी योग्यता के अनुसार विभिन्न सेवाओं से जोड़ने का निर्णय लिया गया।

बैठक में उत्तराखंड अपराध पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना 2025 को मंजूरी मिली, जिसके तहत पॉक्सो पीड़ितों को न्यूनतम और अधिकतम क्षतिपूर्ति राशि तय की जाएगी।

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इसके साथ ही उत्तराखंड साक्षी संरक्षण योजना 2025 को भी हरी झंडी दी गई। इस योजना के तहत गवाहों की पहचान गोपनीय रखना, आवश्यकतानुसार स्थान परिवर्तन, सुरक्षा व्यवस्था और आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि गवाह स्वतंत्र व सुरक्षित माहौल में न्यायालय के समक्ष गवाही दे सकें।

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