मुंबई। महाराष्ट्र में ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच में एक ऐसा कथित प्रेम प्रसंग सामने आया है, जिसने पूरे मामले को चौंकाने वाला मोड़ दे दिया है। आरोप है कि एक युवक ने अपनी प्रेमिका को परीक्षा में पास कराने के लिए कथित तौर पर पेपर की व्यवस्था की और उसे उपलब्ध कराया। प्रेमिका परीक्षा में सफल भी हो गई, लेकिन इसके बाद दोनों के रिश्ते में दरार आ गई और ब्रेकअप हो गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद युवक ने कथित तौर पर गुस्से में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) को पेपर लीक होने की जानकारी दे दी।
मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और परीक्षा से जुड़े अन्य कितने लोग इसमें शामिल हो सकते हैं।
22 मार्च को हुई थी परीक्षा, जुलाई में जारी हुआ रिजल्ट
महाराष्ट्र में ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए परीक्षा 22 मार्च को आयोजित की गई थी। परीक्षा का परिणाम जुलाई में जारी हुआ था। इसके बाद पेपर लीक होने की जानकारी सामने आने पर महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ने परीक्षा रद्द कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने मुंबई पुलिस से संपर्क किया और जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। इसके बाद पुलिस ने पेपर लीक से जुड़े लोगों की तलाश शुरू की।
प्रेमिका को पास कराने के लिए प्रेमी ने जुटाया पेपर!
मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी गौरव राजेंद्र पाटिल की भूमिका सामने आई। पुलिस का आरोप है कि गौरव का ऋतुजा पाटिल नाम की युवती से प्रेम संबंध था। उसने कथित तौर पर ऋतुजा को परीक्षा में पास कराने के लिए प्रश्नपत्र की व्यवस्था की।
पुलिस के अनुसार, गौरव ने कथित तौर पर लीक हुआ पेपर ऋतुजा के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी उपलब्ध कराया। ऋतुजा ने परीक्षा दी और वह इसमें सफल हो गई।
पास होने के बाद रिश्ते में आई दरार, फिर खुल गया पेपर लीक का राज
मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू इसके बाद सामने आया। पुलिस के अनुसार परीक्षा में सफल होने के बाद गौरव और ऋतुजा के बीच संबंध खराब हो गए और दोनों का ब्रेकअप हो गया।
आरोप है कि ब्रेकअप से नाराज गौरव ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग को परीक्षा का पेपर लीक होने की जानकारी दे दी। इसके बाद आयोग ने पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की जांच शुरू हुई।
जांच आगे बढ़ी तो छह आरोपी गिरफ्तार
डीसीपी राजतिलक रौशन की निगरानी में क्राइम ब्रांच ने जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पेपर लीक मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विश्वेश्वर दत्तात्रय नकाते, गोपाल भटु मराठे, अभिजित गणपतराव लेंडवे, प्रवीण दिलीप पाटिल, गौरव राजेंद्र पाटिल और अमृत नामदेव पाटिल के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ लोग महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र आरोपियों तक कैसे पहुंचा और इसे आगे कितने अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराया गया।
ऋतुजा को नोटिस, आरोपियों को 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत
पुलिस ने मामले में ऋतुजा पाटिल को नोटिस जारी किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अमृत नामदेव पाटिल ऋतुजा के पिता हैं।
अन्य गिरफ्तार आरोपियों को मुंबई की किला कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 सितंबर तक क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक की पूरी कड़ी और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
