Uttarakhand: चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार, 114 दिनों में 47 लाख पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की चुनौती और लगातार बदलते मौसम के बीच चारधाम यात्रा नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा को मौसम और सड़क की स्थिति के अनुसार नियंत्रित किया जा रहा है, इसके बावजूद तीर्थयात्रियों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। यात्राकाल के 114 दिनों में चारधामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के पार पहुंच गई है।

10 अगस्त तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष कुल 47 लाख 02 हजार 703 श्रद्धालु बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष समान अवधि में 42 लाख 34 हजार 147 श्रद्धालु चारधाम पहुंचे थे। इस तरह इस वर्ष अब तक 4 लाख 68 हजार 556 अधिक तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर पहुंच चुके हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसून के दौरान यात्रा मार्गों और धामों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन एवं सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

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बद्रीनाथ में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

चारधामों में अब तक सबसे अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे हैं। आंकड़ों के मुताबिक बद्रीनाथ में 16 लाख 12 हजार 112, केदारनाथ में 14 लाख 50 हजार 116, गंगोत्री में 7 लाख 37 हजार 629 और यमुनोत्री में 6 लाख 62 हजार 347 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

इसके अलावा हेमकुंड साहिब में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 2 लाख 40 हजार 499 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में शीश नवा चुके हैं। इस वर्ष गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुलने के साथ चारधाम यात्रा का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद से लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं।

खराब मौसम के बीच एक दिन में 15 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

मानसून की सक्रियता और मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच भी सोमवार को चारों धामों में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। एक ही दिन में 15 हजार 376 यात्रियों ने चारधामों में दर्शन किए। इनमें सबसे ज्यादा 9,559 श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे। केदारनाथ में 4,170, गंगोत्री में 1,204 और यमुनोत्री में 443 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

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प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को सावधानी बरतने और यात्रा मार्ग की स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।

बद्रीनाथ में 16 लाख से ज्यादा श्रद्धालु

बद्रीनाथ धाम की यात्रा इस वर्ष 23 अप्रैल से शुरू हुई थी। 10 अगस्त तक यात्रा के 110 दिन पूरे होने के दौरान 16 लाख 12 हजार 112 श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष समान अवधि की तुलना में इस बार बद्रीनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में 3 लाख 50 हजार 192 की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025 में यात्रा शुरू होने के 110 दिन बाद 12 लाख 61 हजार 280 श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचे थे।

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भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा जवान तैनात

मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और अचानक मौसम खराब होने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी बढ़ाई है। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।

चारों धामों और प्रमुख यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है। राज्य सरकार का कहना है कि मौसम की चुनौती के बावजूद यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है और जिलाधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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