Uttarakhand: कॉरपोरेट फ्रॉड का बड़ा खुलासा…सॉफ्टवेयर बेचने के नाम पर ढाई करोड़ की ठगी, पांच आरोपियों पर केस दर्ज

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देहरादून। आईटी पार्क स्थित इंफोमो ग्लोबल लिमिटेड से जुड़ी सहायक कंपनी इंफोमो डिजिटल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ सॉफ्टवेयर बेचने के नाम पर बड़े पैमाने पर कॉरपोरेट धोखाधड़ी और डेटा दुरुपयोग का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कंपनी के निदेशक राघवेंद्र अग्रवाल ने राजपुर थाना में दी तहरीर में बताया कि केरल और कर्नाटक के आरोपियों ने खुद को एमएन शेट्टी टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधि बताकर संपर्क किया। उन्होंने ‘नंटियम’ नामक सॉफ्टवेयर बेचने का प्रस्ताव दिया और इसकी कार्यक्षमता को लेकर कई बड़े दावे किए।

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शिकायत के अनुसार, आरोपियों के दावों से प्रभावित होकर कंपनी ने अप्रैल 2020 में सॉफ्टवेयर के लिए करीब 35 लाख रुपये का भुगतान किया और उन्हें इक्विटी शेयर भी आवंटित किए। लेकिन भुगतान के बाद भी आरोपियों ने न तो सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड उपलब्ध कराया और न ही सॉफ्टवेयर अपेक्षित रूप से काम कर पाया।

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कंपनी का आरोप है कि इस पूरे सौदे में करीब ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। मामले में समदीप वर्गीस, दिलीप रामचंद्र, संजू पुलियानकलाथ और हृषिकेश मेनन समेत अन्य को नामजद किया गया है।

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थानाध्यक्ष पीडी भट्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर संबंधित कंपनी और उसके प्रतिनिधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

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