हल्द्वानी। कालाढूंगी विधानसभा सीट पर चुनाव अभी दूर है, लेकिन भाजपा के भीतर टिकट को लेकर सियासी हलचल अभी से तेज होने लगी है। मौजूदा विधायक बंशीधर भगत के परिवार की दावेदारी की चर्चाओं के बीच अब पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आनंद सिंह दरम्वाल ने भी ताल ठोक दी है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा कोर कमेटी के सदस्य मदन कौशिक के सामने अपनी दावेदारी रखते हुए पार्टी से कालाढूंगी का टिकट मांगा है।
दरम्वाल ने पत्रकारों से बातचीत में अपने इरादे भी साफ कर दिए। उनका कहना है कि यदि पार्टी उन्हें चुनाव मैदान में उतारती है तो वह सबसे अधिक मतों से जीत दर्ज करेंगे और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथ मजबूत करेंगे। उन्होंने अपनी सक्रियता और जनता के बीच मजबूत पकड़ को अपनी दावेदारी का आधार बताया।
टिकट की चर्चा में परिवारवाद का मुद्दा भी उछला
कालाढूंगी की सियासत में सबसे दिलचस्प सवाल तब उठा, जब उनसे वर्तमान विधायक बंशीधर भगत के पुत्र विकास भगत को टिकट दिए जाने की संभावनाओं पर सवाल किया गया। इस पर दरमवाल ने दो टूक कहा कि भाजपा में परिवारवाद नहीं चलता। उन्होंने बंशीधर भगत को पार्टी का वरिष्ठ नेता बताते हुए उनके प्रति सम्मान जताया, लेकिन साथ ही यह भी कह दिया कि टिकट बांटना पार्टी का काम है, बंशीधर भगत का नहीं।
दरम्वाल का यह बयान कालाढूंगी की भाजपा राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर मौजूदा विधायक के परिवार को लेकर अटकलें हैं, तो दूसरी ओर पार्टी के अन्य दावेदार भी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।
अभी चुनाव दूर, दावेदारों की दौड़ शुरू
कालाढूंगी सीट पर भाजपा के भीतर टिकट को लेकर बढ़ती सक्रियता से साफ है कि इस बार दावेदारी का मुकाबला आसान नहीं रहने वाला। दरम्वाल ने खुलकर अपनी महत्वाकांक्षा जाहिर कर दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी का संगठन किसके नाम पर मुहर लगाता है और टिकट की इस दौड़ में आगे कौन निकलता है।

