रूस दौरे से भड़का अमेरिका, बातचीत अब सिर्फ फोन पर…नए प्रस्ताव पर भी सस्पेंस बरकरार
वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 72 घंटे के भीतर शांति समझौता नहीं हुआ, तो उसकी तेल पाइपलाइनों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ऐसी कार्रवाई के बाद ईरान का तेल निर्यात पूरी तरह ठप हो सकता है।
ट्रंप के मुताबिक, नाकेबंदी के कारण ईरान पहले ही समुद्री रास्तों से तेल भेजने में मुश्किलों का सामना कर रहा है। ऐसे में अगर पाइपलाइन नेटवर्क भी नष्ट हो जाता है, तो उसकी अर्थव्यवस्था पर सीधा और गंभीर असर पड़ेगा।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान में प्रस्तावित बातचीत को छोड़कर रूस पहुंच गए और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस कदम से नाराज अमेरिका ने साफ कर दिया है कि अब वह किसी तीसरे देश में वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजेगा। ट्रंप ने कहा कि आगे की बातचीत सिर्फ फोन के जरिए ही होगी।
इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को हुई शुरुआती वार्ता बेनतीजा रही थी। ईरान द्वारा भेजे गए पहले प्रस्ताव को अमेरिका ने खारिज कर दिया था। हालांकि, ट्रंप का कहना है कि अब एक नया प्रस्ताव सामने आया है, जो पहले से बेहतर है, लेकिन उस पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, उनका नेतृत्व फिलहाल मॉस्को से ही रणनीति तय कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पक्ष रखने की कोशिश में जुटा है। ऐसे में रूस की भूमिका भी इस पूरे घटनाक्रम में अहम होती जा रही है।
बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका असर तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।

